Advertisement

Loading Ad...

'हम एनडीए में हैं, लेकिन जनता को जवाब भी देना पड़ता है...', चिराग के सांसद राजेश वर्मा के बयान से मची हलचल

बिहार में बढ़ते अपराधों को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसी सरकार का समर्थन करते हुए उन्हें शर्मिंदगी महसूस हो रही है, जहां अपराध बेलगाम हैं और प्रशासन बेबस नजर आता है. उनके इस बयान से एनडीए में हलचल मच गई है. जदयू और भाजपा ने इसे सियासी चाल बताया, तो लोजपा (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने बचाव में उतरते हुए कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य ‘अपराध मुक्त बिहार’ है. वर्मा ने कहा कि जब हत्याएं, लूट और बलात्कार जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हों, तो चुप रहना मुनासिब नहीं.

Loading Ad...

बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत गरमा गई है. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर नीतीश कुमार सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है. उनके बयानों ने एनडीए के भीतर हलचल पैदा कर दी है. चिराग ने स्पष्ट कहा कि उन्हें ऐसी सरकार का समर्थन करते हुए “शर्मिंदगी” महसूस हो रही है, जहां अपराध बेलगाम हो चुका है और प्रशासन अपराधियों के सामने “नतमस्तक” नजर आता है.

अपराध मुक्त बिहार है लक्ष्य 

चिराग के बयानों पर जदयू ने तीखी प्रतिक्रिया दी. पार्टी के प्रवक्ताओं का कहना है कि चिराग की निगाहें कहीं और हैं और निशाना भी किसी और पर है. वहीं भाजपा ने भी चिराग के तेवरों पर नाराजगी जताई है. भाजपा-जदयू के इन बयानों के जवाब में लोजपा (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा सामने आए और उन्होंने अपनी पार्टी और नेता का पक्ष मजबूती से रखा. आईएएनएस से बातचीत में सांसद वर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट है. ‘अपराध मुक्त बिहार’. उन्होंने कहा कि जब कानून-व्यवस्था चरमराई हो, हत्या, लूट और बलात्कार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हों, तब राजनीति नहीं, प्रशासन को सुधारने की ज़रूरत है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि बीते 20 दिनों में जिस तरह की घटनाएं बिहार में हुई हैं, उन्हें देखकर चुप रहना ईमानदारी नहीं है. वर्मा ने कहा कि चिराग पासवान ईमानदारी से एनडीए के मंच से अपनी बात कह रहे हैं. चाहे लोजपा (रामविलास) बिहार सरकार में शामिल न हो, लेकिन वे एनडीए का हिस्सा हैं. ऐसे में जब बिहार में अपराध होता है, तो जनता सवाल पूछती है और उनकी पार्टी को जवाब देना पड़ता है.

Loading Ad...

हमें सुननी पड़ती है जनता की बात 

Loading Ad...

उन्होंने स्पष्ट किया कि चिराग पासवान का मुद्दा राजनीति नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ है. उन्होंने कहा, “हमारे नेता ने जो सवाल उठाए हैं, उन्हें बिहार की जनता का समर्थन मिल रहा है. यह सिर्फ बिहार का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गया है. जब हमारे नेता इसे मंचों पर उठा रहे हैं, तो आम लोग खुद को उनसे जुड़ा हुआ महसूस कर रहे हैं.” एनडीए में नाराजगी के सवाल पर राजेश वर्मा ने कहा कि नाराजगी का कारण समझना होगा. उन्होंने कहा, “हम एनडीए में हैं. बिहार में एनडीए की सरकार है. ऐसे में अगर सरकार से सवाल पूछे जाते हैं, तो गठबंधन के सभी घटक दलों को जनता की बात सुननी पड़ती है. क्या हम आंखें मूंद लें? क्या जनता की शिकायतों को नज़रअंदाज़ कर दें?”

यह भी पढ़ें

उन्होंने कहा कि लोजपा (रामविलास) एक ईमानदार पार्टी है और उनके नेता चिराग पासवान की जिम्मेदारी है कि वे जनता की बात सरकार तक पहुंचाएं. उन्होंने दोहराया कि ‘अपराध मुक्त बिहार’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि चिराग पासवान का सपना है और इसे पूरा करने के लिए उनकी पार्टी लगातार अपनी बात रखती रहेगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग की इस मुखरता से एनडीए में भीतर ही भीतर खिंचाव ज़रूर है, जिसे आगे चलकर समन्वय के ज़रिए ही संभाला जा सकेगा.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...