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Republic Day के मौके पर उत्तराखंड ने इतिहास रच कर दिखाया है, किया ऐसा काम मोदी भी हैरान !

कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में ‘सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल’ पर आधारित उत्तराखंड की झांकी को लोगों की पसंद के आधार पर देश में तीसरा स्थान मिला है । गुजरात की झांकी ‘स्वर्णिम भारत विकास और विरासत’ को प्रथम तथा उत्तर प्रदेश की झांकी महाकुंभ 2025 - स्वर्णिम भारत विकास और विरासत को द्वितीय स्थान मिला

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26 जनवरी 2025 को देश ने अपना 76वां गणतंत्र दिवस मनाया, जिसमें भारत की महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के साथ इंडोनेशिया के प्रधानमंत्री ने भी ताकत की ताकत को देखा। 26 जनवरी के आयोजन को पूरी तरह से स्वदेशी रखा गया था, जहां एक तरफ भारत की सैन्य टुकड़ियों ने अपने स्वदेशी हथियारों के साथ अपने शौर्य का परचम लहराया, वहीं राज्यों की झांकियों को भी इस आयोजन में पूरी तरह भविष्य की तस्वीर के तौर पर पेश किया गया। इन झांकियों में गुजरात की झांकी को जनता ने पहले स्थान पर रखा तो उत्तरप्रदेश की झांकी को दूसरा स्थान मिला, वहीं देवभूमि उत्तराखंड की झांकी को देश की जनता ने तीसरी सबसे सर्वश्रेष्ठ झांकी का स्थान दिया।

उत्तराखंड की झांकी में कलाकारों ने उत्कृष्त प्रदर्शन करते हुए मौजूदा और भविष्य के उत्तराखंड की तस्वीर को दुनिया के सामने रखा। इन कलाकारों की कलाकारी को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने दिल्ली में उनसे मुलाकात की और 50-50 हजार के इनाम की घोषणा की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत एवं साहसिक खेल झांकी को तृतीय पुरस्कार मिलना प्रदेश के लिए सम्मान की बात है। लोगों की पसंद पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तराखंड की झांकी को तृतीय स्थान प्राप्त होने से राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति एवं धार्मिक विरासत को देश-विदेश में विशिष्ट पहचान मिल रही है।

अब यहां यह भी समझ लीजिए कि उत्तराखंड की झांकी में ऐसा क्या था, जिसकी वजह से उत्तराखंड को तीसरा स्थान हासिल हुआ है। महानिदेशक सूचना श्री बंशीधर तिवारी ने बताया कि झांकी में उत्तराखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को दर्शाती प्रसिद्ध ऐपण कला, उत्तराखंड के साहसिक खेलों एवं साहसिक पर्यटन को चित्रित किया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और साहसिक खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए गणतंत्र दिवस की परेड में झांकी के रूप में प्रदर्शित करने का निर्णय लिया गया।

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उत्तराखंड की मौजूदा सरकार देवभूमि में बिगड़ी व्यवस्थाओं को लगातार पटरी पर लाने की कोशिश कर रही है। देश में उत्तराखंड को अलग पहचान दिलाने के साथ-साथ दुनिया के पटल पर भी उत्तराखंड की तस्वीर को उकेरने का काम कर रही है। देवभूमि की संस्कृति के साथ-साथ देवभूमि के अमूल्य खाद्य पदार्थों को भी वह दुनिया में पहचान दिलाने का काम कर रही है। इसके अलावा धार्मिक नगरी उत्तराखंड के सभी तीर्थों की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उत्तराखंड के विकसित होने का सपना देश के प्रधानमंत्री का भी है, और जिस रफ्तार के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री काम कर रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि जल्दी यह सपना साकार भी होने वाला है।

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