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‘होशियार नहीं तो 50-50 टुकड़े हो सकते हैं…’ UP की राज्यपाल ने लिव इन रिलेशनशिप को बताया खतरनाक, दी नसीहत

आनंदीबेन पटेल ने लड़कियों को आगाह करते हुए लिव इन रिलेशनशिप पर मुखरता से अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, इसके नतीजे देखने हों तो अनाथालय में देख सकते हैं. अनाथालयों में 15 से 20 साल की लड़कियां अपनी गोद में बच्चा लिए खड़ी हैं.

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गुजरात की पूर्व CM और UP की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आ गई हैं. उन्होंने एक दीक्षांत समारोह में लड़कियों को बड़ी नसीहत दे दी. उन्होंने श्रद्धा वालकर केस का जिक्र करते हुए लड़कियों को लिव इन रिलेशनशिप से दूर रहने की सलाह दी. 

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बलिया में जन नायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मंच से कहा कि, लिव-इन रिलेशनशिप के परिणामों को समझने के लिए अनाथालयों का दौरा करना चाहिए, जहां 15-20 साल की लड़कियां एक-एक साल के बच्चों के साथ लाइन में खड़ी दिखती हैं. 

’50-50 टुकड़े हो जाते हैं’

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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लिव इन रिलेशनशिप और आज कल के लव अफेयर्स पर मुखरता से अपनी बात रखी है. आनंदीबेन पटेल ने कहा, बेटियों से एक ही बात कहूंगी, लिव इन रिलेशन मत करिए. अपने जीवन के फैसले खुद लीजिए. उन्होंने श्रद्धा वालकर केस की ओर इशारा करते हुए कहा, देखा है ना 50-50 टुकड़े होते हैं. पिछले 10 दिनों से ऐसी घटनाओं की जानकारी मिल रही है. देखती हूं तो कष्ट होता है कि हमारी बेटियां ऐसा क्यों करती हैं. इस दौरान उन्होंने पॉक्सो एक्ट के तहत एक केस का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि, वह कई पीड़ित बेटियों से खुद मिली हैं हर बेटी की कहानी दर्दनाक थी.

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'लिव इन रिलेशनशिप लालच का रिश्ता'

आज के समय में जहां शादी से पहले लड़का लड़की का एक छत के नीचे साथ रहना आम हो गया है. वहीं, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इसे समाज के लिए खतरा बताया. उन्होंने कहा कि, अगर इसके परिणाम देखने हों तो अनाथालय में देख सकते हैं. लिव-इन रिलेशनशिप का विरोध करते हुए आनंदीबेन पटेल ने कहा कि ऐसा लालच की वजह से होता है. लड़के, लड़कियों को लालच देते हैं. वह होटलों में ले जाते हैं, बच्चा पैदा करते हैं और बाद में छोड़ देते हैं. 

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आनंदीबेन पटेल ने कहा, बेटियों को मेरी एक ही सलाह है. आपके पास कोई आएगा फ्रेंडशिप करने के लिए. आजकल ये चलता है. लिव-इन रिलेशन... अनाथालय में जाकर देखिए लिव-इन रिलेशन का क्या नतीजा है. वहां आपको पता चलेगा. 15 साल की बेटियां, 20 साल की बेटियां 1-1 साल का बच्चा लेकर वहां खड़ी हैं.

उन्होंने कहा, लिव-इन रिलेशनशिप हमारा सिद्धांत और मूल्य नहीं है, लेकिन फिर भी ऐसा हो रहा है. आनंदीबेन पटेल आगे जोड़ती हैं, लड़कियों और महिलाओं को इन चीजों का शिकार होने की जगह अपने जीवन के बड़े और नेक लक्ष्य हासिल करने के लिए काम करना चाहिए. लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन इसके बाद भी उनके साथ गलत घटनाएं हो जाती हैं. 

नशे की लत पर राज्यपाल ने जताई चिंता

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दीक्षांत समारोह में आनंदीबेन पटेल ने जहां बेटियों को सावधान रहने की हिदायत दी तो वहीं युवाओं में बढ़ती नशाखोरी पर भी चिंता जताई. आनंदीबेन पटेल ने कहा, उन्हें तब बेहद खुशी होगी, जब राज्य का हर एक युवा नशे से दूर होगा. इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यूनिवर्सिटी को अपने पढ़ाने और सिखाने के तरीके में भी सुधार की सलाह दी. 

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