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बीडीओ की “प्रताड़ना” से तंग आकर पंचायत सेवक ने खाया जहर, इलाज के दौरान हुई मौत

मृतक पंचायत सेवक का नाम सुखलाल महतो है, जिन्हें शनिवार को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए रांची के रिम्स में दाखिल कराया गया था. इस मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है.

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झारखंड के गिरिडीह जिला अंतर्गत डुमरी प्रखंड के बीडीओ, मुखिया (ग्राम प्रधान) के पति सहित चार लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में जहर खाने वाले पंचायत सेवक ने इलाज के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया.

बीडीओ की “प्रताड़ना” से तंग पंचायत सेवक ने खाया जहर

मृतक पंचायत सेवक का नाम सुखलाल महतो है, जिन्हें शनिवार को गंभीर स्थिति में इलाज के लिए रांची के रिम्स में दाखिल कराया गया था. इस मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है. सरकार के निर्देश पर गिरिडीह के उपायुक्त रामनिवास यादव ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है. गिरिडीह के सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी और डुमरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयराम कुमार महतो ने इस मामले में दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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कार्यालय परिसर में खाया जहर, इलाज के दौरान मौत

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सुखलाल महतो डुमरी प्रखंड के बलथरिया ग्राम के पंचायत सेवक के रूप में कार्यरत थे. वह इसी प्रखंड के कुलगो गांव के रहने वाले थे. उन्होंने डुमरी की बीडीओ अन्वेषा ओना, बलथरिया पंचायत की मुखिया के पति परमेश्वर नायक और रोजगार सेवक अनिल कुमार पर मानसिक रूप से प्रताड़ित का आरोप लगाते हुए क्षेत्र के विधायक के नाम एक पत्र लिखा था. इसके बाद उन्होंने शुक्रवार को कार्यालय परिसर में ही कीटनाशक खा लिया था. उन्हें गंभीर हालत में पहले धनबाद स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां से रिम्स रांची के लिए रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई.

विधायक जयराम महतो ने मामले की जांच कराने की मांग की

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घटना की जानकारी सामने आते ही विधायक जयराम महतो ने 14 जून को राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की. विधायक ने इस घटना को लेकर रविवार को सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

सांसद ने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की

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उन्होंने कहा है कि पंचायत सेवक सुखलाल महतो भ्रष्ट व्यवस्था के शिकार हुए हैं. उन्होंने इस मामले में सभी दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने भी इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है. इधर, उपायुक्त रामनिवास यादव ने मामले की जांच के लिए जो कमेटी बनाई है, उसमें अपर समाहर्ता विजय सिंह बिरुआ, सरिया बगोदर के एसडीएम संतोष कुमार गुप्ता, मुख्यालय डीएसपी नीरज कुमार सिंह एवं डॉ. रवि महर्षि शामिल हैं.

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