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एक सीट पर तीन उम्मीदवार, BJP के लिए मुश्किल दिल्ली की राह !
DELHI चुनावों में BJP अभी तक किसी उम्मीदवार का ऐलान नहीं कर पाई. चुनावी रणनीति में सबको मात देने वाली BJP इस बार क्यों मुश्किल में है जानिए.
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जैसा कि आम आदमी पार्टी ने किया था, BJP ने भी कांग्रेस और AAP से आए नेताओं को टिकट देने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई। अपनों का टिकट काटकर बाहरियों को पूरी तवज्जो दी गई थी। अब BJP भी इसी कसमकश में फंसी है कि बाहर से आए नेताओं और अपने नेताओं के बीच कैसे टिकट बांटे, इस पर जद्दोजहद जारी है।
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अरविंदर सिंह लवली VS अनिल बाजपेयी
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यूं तो अरविंदर सिंह लवली और अनिल बाजपेयी दोनों BJP के ही सदस्य हैं, लेकिन मुश्किल ये है कि एक ही सीट पर दोनों की दावेदारी की बात हो रही है। दरअसल, अरविंदर सिंह लवली कांग्रेस छोड़कर BJP में आए हैं, जबकि अनिल बाजपेयी ने AAP छोड़ी थी। 2015 से पहले अरविंदर सिंह लवली गांधी नगर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतते आए हैं। 2015 में यहां आम आदमी पार्टी ने अनिल बाजपेयी को टिकट दिया और उन्होंने अरविंदर सिंह लवली को हरा दिया। 2020 में चुनाव से पहले अनिल बाजपेयी AAP छोड़कर BJP में शामिल हो गए। अब BJP के लिए मुश्किल ये है कि गांधी नगर सीट पर इनमें से कौन सा उम्मीदवार फिट बैठेगा?
इन सीटों पर फंसा पेच
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विश्वास नगर सीट पर BJP के लिए ओपी शर्मा और नसीब सिंह के बीच चयन करना चुनौती बन गया है। इस सीट पर 2015 और 2020 में BJP के ओपी शर्मा ने जीत दर्ज की थी, जबकि नसीब सिंह कुछ महीने पहले ही कांग्रेस से BJP में शामिल हुए हैं। विश्वास नगर सीट पर BJP ने AAP की लहर के बावजूद जीत हासिल की है, ऐसे में BJP इसे हाथ से जाने नहीं देना चाहेगी।
नजफगढ़ के 3 दावेदार
दिल्ली की नजफगढ़ सीट इस बार चर्चा का विषय बनी हुई है। AAP से BJP में शामिल हुए कैलाश गहलोत यहां से मौजूदा विधायक हैं। चुनाव से पहले उन्होंने सरप्राइजिंग तरीके से AAP को झटका दिया और BJP में चले गए। वे दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री भी रहे हैं। लेकिन BJP में आने के बाद वे AAP के ख़िलाफ मुखर हो गए। यहां तक कि दिल्ली सरकार के ख़िलाफ BJP के प्रदर्शनों में भी बढ़ चढ़कर शामिल हुए। अब इस आधार पर देखा जाए तो नजफगढ़ से कैलाश गहलोत की पहली दावेदारी है। लेकिन पेच इतनी आसानी से सुलझने वाला नहीं है। यहां दो और कैंडीडेट हैं जो कैलाश गहलोत के लिए चुनौती बन सकते हैं। कैलाश गहलोत के सामने जय किशन शर्मा और नीलम कृष्ण शर्मा भी टिकट की चाहत रखते हैं।
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जय किशन शर्मा भी कांग्रेस छोड़कर BJP में आए हैं और उन्होंने अपने बेटे के लिए नजफगढ़ सीट से टिकट की ख्वाहिश जताई है। ऐसे में BJP को इस सीट पर माथापच्ची ज्यादा करनी पड़ रही है।
कस्तूरबा नगर सीट
कस्तूरबा नगर सीट पर कांग्रेस और AAP दोनों ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस ने यहां से अभिषेक दत्त को टिकट दिया है, तो वहीं AAP ने रमेश पहलवान को प्रत्याशी बनाया है। चर्चा है कि BJP कस्तूरबा नगर से पूर्व सांसद मीनाक्षी लेखी को टिकट दे सकती है। वहीं, हाल ही में कांग्रेस से BJP में आए नीरज बसोया भी इस सीट पर विधायक रह चुके हैं।
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कस्तूरबा नगर सीट जाति समीकरण में भी BJP को मुश्किल में डाल सकती है, क्योंकि कांग्रेस के अभिषेक दत्त पंजाबी समुदाय पर ख़ासा प्रभाव रखते हैं, तो नीरज बसोया गुर्जर समुदाय से आते हैं।
लक्ष्मी नगर सीट
लक्ष्मी नगर सीट पर BJP बड़ी कसमकश में है। 2020 में यहां BJP के अभय वर्मा ने AAP के नितिन त्यागी को हराया था। अब नितिन त्यागी ने BJP का ही दामन थाम लिया। नितिन त्यागी के उधर जाने के बाद AAP ने बीबी त्यागी को यहां से टिकट दिया है। बीबी त्यागी BJP से AAP में आए हैं। अब देखने वाली बात होगी कि BJP यहां BARTER SYSTEM को अपनाते हुए नितिन त्यागी को मौक़ा देगी या अभय वर्मा पर ही भरोसा बनाए रखेगी। हालांकि BJP को बीबी त्यागी से अपने पारंपरिक वोटों के जाने का डर तो ज़रूर सताएगा।
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BJP में जहां अपनों और बाहरियों पर मंथन ही चल रहा है, वहीं AAP ने इस मामले में bold step लिया और दूसरे धड़ों से आए नेताओं को टिकट दिया। इनमें BJP से AAP में आए रमेश पहलवान, BJP से आए ब्रह्म सिंह तंवर, बीबी त्यागी, और अनिल झा शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस से आए जुबैर चौधरी, वीर सिंह धींगान और सुमेश शौकीन को भी टिकट मिला।
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माना जा रहा है कि दिल्ली में जल्द ही BJP के प्रत्याशियों पर फ़ैसला हो सकता है क्योंकि चुनाव समिति का ऐलान कर दिया गया है। इस समिति में 21 सदस्य हैं, जिनमें दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, महामंत्री और दिल्ली में BJP के सातों सांसद शामिल हैं। लेकिन फिलहाल की स्थिति को देखा जाए तो अभी तक आम आदमी पार्टी चुनावी रणनीति में BJP को मात देती दिख रही है। चाहे बात प्रत्याशियों की हो, संगठन की हो, या बड़े ऐलानों की हो।