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झारखंड के इस जिले ने आकांक्षी जिलों में पाया पहला स्थान, 10 करोड़ का मिलेगा पुरस्कार
प्रतिमाह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिले को नीति आयोग की ओर से 10 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य जिला स्तर पर विकासात्मक पहल को और अधिक गति देना है.
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झारखंड के चतरा जिले ने देश के 112 आकांक्षी जिलों की डेल्टा रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है. नीति आयोग की ओर से शुक्रवार को ऑनलाइन समीक्षा बैठक में इसकी घोषणा की गई.
देश के 112 आकांक्षी जिलों में टॉप पर झारखंड
यह रैंकिंग 2025 के मार्च महीने में देश भर के आकांक्षी जिलों में विभिन्न योजनाओं की कार्य प्रगति और उपलब्धियों के आकलन के बाद जारी की गई है.
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झारखंड सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि यह उपलब्धि जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों, नवाचारों तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रतिफल है.
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नीति आयोग ने चतरा जिले की बहुआयामी प्रगति विशेषकर स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन तथा बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन की सराहना की.
नीति आयोग से मिलेगा 10 करोड़ का पुरस्कार
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प्रतिमाह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिले को नीति आयोग की ओर से 10 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य जिला स्तर पर विकासात्मक पहल को और अधिक गति देना है.
यह सम्मान जिले के लिए गर्व का विषय
चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री ने जिले की प्रशासनिक टीम, विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और जनता को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान जिले के लिए गर्व का विषय है.
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उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अपनी प्रतिबद्धता जारी रखनी होगी. यह सफलता आकांक्षी जिला कार्यक्रम के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में चतरा जिले की मजबूत पहल और सतत प्रयास का प्रमाण है.
नीति आयोग ने झारखंड के गढ़वा को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जिले के रूप में चिन्हित किया है.
PM मोदी की पहल लाई रंग
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर 2018 में शुरू किए गए आकांक्षी जिला अभियान (एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम) के तहत देश भर के 112 सबसे अविकसित जिलों को चुना गया था. इन जिलों को जल्दी और प्रभावी ढंग से विकास के पथ पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया.
केंद्र सरकार इन जिलों को देती है अलग से फंड
केंद्र सरकार इन जिलों को विकास योजनाओं के लिए अलग से फंड प्रदान करती है. इस अभियान के तहत जिलों को पांच मापदंडों के आधार पर हर माह डेल्टा रैंकिंग दी जाती है. स्वास्थ्य और पोषण के लिए 31 डाटा प्वाइंट्स और 30 प्रतिशत का वेटेज दिया जाता है.
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इसी तरह शिक्षा के लिए 14 डाटा प्वाइंट और 30 प्रतिशत, खेती और सिंचाई (जल) की व्यवस्था के लिए 12 डाटा प्वाइंट और 20 प्रतिशत, वित्तीय समावेशन और स्किल डेवलपमेंट के लिए 16 प्वाइंट एवं 10 प्रतिशत और बुनियादी ढांचे के लिए 8 डाटा प्वाइंट और 10 प्रतिशत का वेटेज दिया जाता है.