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धर्म का चोला पहनकर कर रहे थे ठगी, तभी पुलिस के डंडे ने 2448 ढोंगियों का कर दिया हिसाब!

उत्तराखंड में ऑपरेशन कालनेमि से अबतक 2448 संदिग्धों की पहचान की गई है.,. जिसमें से 140 की गिरफ्तारी हो गईं.. बाकियों को धरपकड़ के लिए आगे की कार्रवाई चल रही है..इसी बीच देवभूमि में साधु संतों ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाक़ात की और ऑपरेशन पर धन्यावाद जताया..

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देवभूमि... जहां हर कण में आस्था है, हर पत्थर में शिव का वास… सदियों से ये भूमि तपस्वियों की तपस्या और भक्तों की श्रद्धा का केंद्र रही है.. पर कुछ 'अंधेरे सायों' ने इस पावन धरा पर अपनी काली नज़र डाल दी थी… भगवा चोले में छिपे थे 'कालनेमि', जो धर्म की आड़ में ठगी, धोखा और विश्वासघात का ज़हर घोल रहे थे… उनका मक़सद सिर्फ़ पैसा नहीं था..  वो देवभूमि की आत्मा को भ्रष्ट करना चाहते थे... और ये था सीधा आस्था पर वार… और जब ये काली साज़िशें हद से गुज़रने लगीं, तब देवभूमि में गूंजी एक ललकार... एक ऐसा नाम जो अब ढोंगियों के लिए काल बन चुका है ऑपरेशन कालनेमि…

इस विश्वासघात' की गूंज जब सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कानों तक पहुंची, तो सीएम तुरंत एक्शन मोड़ में आ गए..  उनके सख्त तेवर देख पूरा प्रशासन हरकत में आ गया.. ये सिर्फ़ एक पुलिस ऑपरेशन नहीं था.. ये था सीएम धामी का 'महा-अभियान'  आदेश जारी हुआ  कोई भी ढोंगी बचेगा नहीं!” और फिर, जो हुआ, उसने पूरे उत्तराखंड को हिला कर रख दिया. राज्य के सभी ज़िलों में, एक साथ, ऑपरेशन कालनेमि का बिगुल बज गया.. हर गली, हर मोहल्ला, हर गांव... कोई भी कोना अछूता नहीं रहा. हर संदिग्ध 'बाबा' या 'साधु' को रोका गया… उनसे पूछताछ की गई, उनके पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और सारे दस्तावेज़ों की गहन जांच की गई.   आंकड़े गवाह हैं कि, ऑपरेशन कालनेमि से 2448 संदिग्धों की पहचान की गई, 377 'ढोंगियों' पर शक की सुई अटकी हुई थी. भगवा चोले की आड़ में जो अपनी पहचान छिपा रहे थे, ढोंगी, बाबा बनने वाले 222 अभियुक्तों पर तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी गई, और फिर आया वो पल जब हथकड़ियां खनक उठीं, ऑपरेशन कालनेमि से 140 ढोंगी बाबाओं की गिरफ़्तारियां हुई, इन गिरफ़्तारियों में एक बांग्लादेशी नागरिक भी मिला।

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ढोंगी बाबा बने बांग्लादेशी का पकड़ा जाना इस ऑपरेशन की संवेदनशीलता और रणनीतिक महत्व को दर्शाता है ये सिर्फ़ ठगों को पकड़ना नहीं था.. ये उत्तराखंड की सुरक्षा और शांति को बनाए रखने का भी एक बड़ा कदम था…. ऐस में सीएम पुष्कर सिंह धामी के इस कदम की साधु संतों ने भी सराहना की है.. आभार जताया की ऐसी कार्रवाई पहले ही हो जानी चाहिए थी..  क्योंकि ढोंगी बाबाओं की वजह से जो असल में आस्था से जुड़े बाबा साधु संत है.. उनके साथ भी खिलवाड़ हो रहा था.. तो ऐसे में सीएम धामी के बड़े कदम की सराहना करते हुए साधु संतों ने सीएम धामी ने मुलाक़ात की..

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जब इन 'ढोंगी बाबाओं' के काले कारनामों का पर्दाफाश हुआ, तो सिर्फ़ आम जनता ही नहीं, बल्कि सच्चे संतों और धर्मगुरुओं ने भी चैन की सांस ली. उन्होंने एक स्वर में सीएम धामी के इस साहसिक कदम का स्वागत किया. वो मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, उन्हें धन्यवाद दिया. क्योंकि यह सिर्फ़ अपराध पर लगाम नहीं थी, ये देवभूमि के गौरव की पुनर्स्थापना थी…  संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके सम्मान और धर्म की पवित्रता को बचाया है. यह साबित करता है कि जब शासन में इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी बुराई टिक नहीं सकती.. .यही वजह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त तेवर और ऑपरेशन कालनेमि... यह सिर्फ़ एक सरकारी कार्रवाई नहीं है. यह धर्म और अधर्म के बीच का महासंग्राम है.  

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