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धाकड़ धामी के एक्शन से भ्रष्टाचारियों में हड़कंप, चल रहा चाबुक

किसी भी तरह के भ्रष्टाचार पर सख़्त कार्रवाई करने वाले सीएम धामी का रवैया भ्रष्टाचार को लेकर और कड़ा होने जा रहा है..उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कदम उठाए हैं

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देवभूमि उत्तराखंड के ये दशक होगा ये सपना देखने वाले पीएम मोदी के शब्दों को सीएम धामी आज जब याद करते हैं तो उसमें बहुत कुछ नज़र आता है। उत्तराखंड राज्य को सबसे अलग और सबसे हटकर बनाने का सपने देखने वाले सीएम धामी अपनी सरकार की नीतियों पर काम कर रहे हैं। इसमें आगे बढ़ते हुए राज्य के हर नागरिक की परेशानियों को ख़त्म किया जाए ये सरकार की प्राथमिकता है। इसी के साथ चारधाम यात्रा हो या उत्तराखंड की सुंदरता देखने आने वाले पर्यटक। हर कोई सरकार के इंतज़ामों से खुश हो इसके लिए ख़ुद सीएम धामी ज़मीन पर काम करते हैं।लैंड जिहाद हो या थूक जिहाद, माफ़िया हो या फिर गुंडे बदमाश इन सबकी कमर तोड़ने का काम भी तेज़ी से किया गया। आज पहाड़ों पर रहने वाले भी अपनी मांगों को सीएम धामी के सामने रखते हैं तो उनकी बात को तुरंत सुनकर कार्यवाही की जाती है ये विश्वास सरकार पर और बढ़ने वाली ही बात है।

किसी भी तरह के भ्रष्टाचार पर सख़्त कार्रवाई करने वाले सीएम धामी का रवैया भ्रष्टाचार को लेकर और कड़ा होने जा रहा है। उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के अभियान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री आवास में 1064 एंटी करप्शन हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक के दौरान सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी हालत में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि पिछले तीन सालों में 66 लोगों को ट्रैप किया गया, जबकि 72 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग, पुलिस और विद्युत विभाग से सामने आए हैं। 2025 में अब तक 1064 हेल्पलाइन और वेबसाइट के जरिए 343 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिन पर कार्रवाई जारी है। खास बात यह है कि जिन मामलों में ट्रैप की कार्रवाई हुई और शिकायतकर्ता ने रिश्वत के पैसे दिए, उन शिकायतकर्ताओं को ‘रिवॉल्विंग फंड’ के तहत उनकी रकम भी लौटाई जा रही है। अब तक 33 लोगों को पैसे लौटाने की प्रक्रिया जारी है।

सीएम धामी ने साफ़ कहा है कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले लोगों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अगर शिकायत सही पाई जाती है तो शिकायतकर्ता को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि और लोगों को इससे प्रेरणा मिले की भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ बोलना ही है।सीएम धामी ने साफ़ किया की भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के लिए सभी विभाग अपने स्तर पर लगातार ऐसे ही जुटे रहें।
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