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हरियाणा में शराब ठेकों की बोली लगाने पर खौफ का माहौल, 5वीं बार फेल हुई नीलामी प्रक्रिया, Cm सैनी ने बुलाई बैठक, जानें क्या है वजह

हरियाणा में लगातार पांचवीं बार शराब ठेके की ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया फेल हो गई है. प्रदेश में शराब के ठेकों की बोली लगाने वाले आम कारोबारियों के अंदर दहशत का माहौल है. इसके पीछे की वजह गैंगस्टरों की धमकी भरी कॉल आना. लगातार फेल हो रही नीलामी प्रक्रिया के बाद हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कारोबारियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है.

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कहते हैं कि दारू का कारोबार आमदनी के लिहाज से सबसे बढ़िया जरिया है, लेकिन इस कारोबार में जितना पैसा है. उतना ही  इसका ठेका पाने के लिए पावर और पैसा होना चाहिए. जिस तरीके से हजारों सरकारी नौकरियों के लिए लाखों आवेदन होते हैं. ठीक उसी तरह शराब के कारोबार में भी नीलामी प्रक्रिया के दौरान ठेके को पाने के लिए बोली लगाने की होड़ मची रहती है, लेकिन हरियाणा में शराब ठेके की नीलामी प्रक्रिया के दौरान गजब का मामला सामने आया है. यहां सरकार द्वारा ठेके की नीलामी प्रक्रिया 5 बार फेल हो चुकी है. हालात ऐसे बन गए हैं कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को इसके लिए बैठक तक बुलानी पड़ी. दरअसल, इस नीलामी प्रक्रिया का बार-बार फेल होने की वजह इस कारोबार में गैंगस्टरों का शामिल होना है. यही वजह है कि कोई आम कारोबारी इस धंधे के लिए बोली लगाना नहीं चाह रहा. जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली एनसीआर में सबसे सस्ती शराब हरियाणा में ही मिलती है. यही वजह है कि राज्य के रेवेन्यू में इसका एक बड़ा योगदान माना जाता है.

हरियाणा में 5वीं बार फेल हुई शराब ठेके की नीलामी प्रक्रिया 

बता दें कि हरियाणा सरकार की तरफ से शराब के ठेकों की बोली के लिए 5 बार ऑनलाइन विज्ञापन निकाला जा चुका है, रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश के 22 जिलों में से 20 जिले ऐसे हैं. जहां शराब के ठेकों के लिए कोई भी बोली लगाने को तैयार नहीं है. इन जिलों के आम कारोबारियों के अंदर गैंगस्टरों की वजह से दहशत का माहौल है. इनमें कई दुकानें गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और यमुनानगर की शामिल हैं. यह सभी दुकानें अच्छी कमाई के लिए जानी जाती हैं और बोली का इंतजार कर रही हैं. यहां अब तक किसी भी दुकान का आवंटन नहीं हो सका है. 

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क्या है डर की वजह? 

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बता दें कि हरियाणा में शुरुआत से ही शराब के कारोबार में गैंगस्टरों का बोलबाला देखने को मिलता है. यहां शराब का ठेका वही ले पाते हैं. जिनका क्राइम से कोई वास्ता हो या फिर वह माफिया, बाहुबली हों. यही वजह है कि कोई भी आम व्यापारी बोली नहीं लगा पाता है. उसे इस बात का डर रहता है कि बोली लगाने पर उसकी जान को खतरा हो सकता है. गैंगस्टर कॉल कर कारोबारियों को ठेके में शामिल न होने की धमकी देते हैं. खबर यह भी है कि विभाग से जुड़े अधिकारियों को भी गैंगस्टरों की धमकी भरी कॉल आ रही है. 

13 जून को हुई थी शराब कारोबारी की हत्या 

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बीते 13 जून को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक शराब कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद से ही पूरे प्रदेश में भय और दहशत का माहौल है. रोहतक और यमुनानगर में कुछ लोगों को धमकी भरी कॉल भी आई है. इस कारोबार में शुरू से ही बड़े पैमाने पर हिंसा और धमकियां शामिल रही हैं, लेकिन इस बार स्थिति काफी ज्यादा खराब है. हरियाणा में शराब कारोबार किसी बड़े सिंडिकेट या कार्टेल के माध्यम से नहीं चलता है. यही वजह है कि इसके लिए ऑनलाइन बोली लगाई जाती है, लेकिन लोगों को अपनी जान का ऐसा डर है कि ऑनलाइन बोली के लिए आगे नहीं आ रहे हैं. 

हरियाणा सीएम ने सुरक्षा का भरोसा दिलाया 

5 बार नीलामी प्रक्रिया फेल होने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक बैठक बुलाई. इस बैठक में उन्होंने कारोबारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया और कहा आप लोग डरें नहीं. हम कारोबार के लिए अच्छा माहौल प्रदान करेंगे. इसके अलावा उन्होंने प्रदेश के डीजीपी से भी इस मुद्दे पर चर्चा की और अपराधियों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए. उनका यह भी कहना है कि अगर शराब के ठेकों की बोली के लिए कोई धमकाता है, तो उन पर भी कार्रवाई की जाए.

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शराब के कारोबार से 14,063 करोड़ जुटाने का लक्ष्य 

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हरियाणा की मौजूदा भाजपा सरकार ने पहले से ही आबकारी विभाग से 14,063 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया है. वहीं पिछले वर्ष इसका रेवेन्यू 11,054 करोड़ रुपए था. जिन 260 जोन पर बोली नहीं लगी है. उनसे ही सरकार को करीब 4000 करोड़ रुपए के रेवेन्यू की उम्मीद है.

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