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बेहद खास है मुख्यमंत्री आवास में लगी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’, 189 भाषाओं में मिलेगी पंचांग-तिथि-नक्षत्र की जानकारी, CM मोहन यादव ने किया लोकार्पण

भारतीय काल गणना और वैदिक परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ती विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अब आम लोगों के जीवन में कदम रखने जा रही है. 1 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे इसका लोकार्पण। जानें कैसे यह घड़ी तिथि, नक्षत्र, योग और त्यौहार की जानकारी देकर भारतीय संस्कृति को नई पहचान देगी.

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भारतीय काल गणना और वैदिक परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने वाली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अब आम लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास में इस अनोखी घड़ी और उसके मोबाइल ऐप का लोकार्पण करेंगे. यह घड़ी न केवल समय बताएगी बल्कि तिथि, नक्षत्र, योग, व्रत, त्यौहार जैसी विस्तृत जानकारी भी देगी और भारतीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाएगी.

यह विश्व की पहली ऐसी घड़ी है जो भारतीय काल गणना पर आधारित है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे 189 से अधिक भाषाओं में देखा जा सकेगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री युवाओं के साथ संवाद करेंगे और एक रैली भी निकाली जाएगी.

मुख्यमंत्री करेंगे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण 

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विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा, वैदिक गणना, और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का एक अद्भुत मेल है. यह विश्व की पहली ऐसी घड़ी है जो भारतीय काल गणना की सर्वाधिक विश्वसनीय पद्धति को फिर से स्थापित करती है. इसमें पंचांग की 7000 वर्षों की गणना, 30 मुहूर्तों का विवरण, अलार्म सुविधा, वैदिक समय (30 घंटे आधारित), GMT और IST समय, सूर्योदय–सूर्यास्त सहित मौसम संबंधी जानकारी भी उपलब्ध होगी.

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24 घंटे नहीं, 30 मुहूर्त का अनोखा समय

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी पारंपरिक 24 घंटे की घड़ी से पूरी तरह अलग है. यह भारतीय वैदिक काल गणना पर आधारित है, जिसमें दिन को 30 मुहूर्तों में बांटा गया है. इस घड़ी में सूर्योदय को शून्य और सूर्यास्त को 15 मुहूर्त माना जाता है. हर मुहूर्त लगभग 48 मिनट का होता है, जो भारतीय पंचांग के हिसाब से दिन और रात के समय को प्रकृति के साथ जोड़ता है. यह घड़ी न केवल समय बताती है, बल्कि भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक गहराई को भी दर्शाती है.

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कहीं भी बैठकर मिल सकेगी जानकारी 

इसके मोबाइल एप मोबाइल एप के जरिए लोग कहीं भी बैठकर पंचांग और व्रत-त्योहारों की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. बता दें कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का पहला लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2024 को उज्जैन में किया था. मुख्यमंत्री ने इस असर पर कहा कि यह पहल न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक गर्व का क्षण है, जो भारतीय ज्ञान और संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी है विक्रमादित्य वैदिक घड़ी

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सीएम डा. मोहन यादव द्वारा सीएम निवास से लोकार्पित की जाने वाली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के बारे में जानकारी देते हुए हुए श्रीराम तिवारी ने बताया कि वैज्ञानिक दृष्टि से समृद्ध और आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ी यह वैदिक घड़ी भारतीय संस्कृति और हमारी पुरातन काल गणना पद्धति को वैश्विक स्तर पर एक नया आयाम देगी.

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