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रांची के लोगों को मिली बड़ी सौगात, गडकरी ने रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर जनता को किया समर्पित

रांची के ओटीसी ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रांची में आउटर रिंग रोड निर्माण के लिए 6 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजना जल्द शुरू करने की घोषणा की.

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने झारखंड को 6,300 करोड़ से भी अधिक लागत की 11 एनएच परियोजनाओं की सौगात दी है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रांची एवं गढ़वा में आयोजित कार्यक्रमों में इन परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया. 

गडकरी ने रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर जनता को किया समर्पित

उन्होंने गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे रांची में एनएचएआई की ओर से 560 करोड़ की लागत से निर्मित रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर आम जनता के लिए खोला तो लोगों ने ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ और ‘नितिन गडकरी जिंदाबाद’ के नारे लगाए.

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रांची में जल्द शुरू होगी आउटर रिंग रोड निर्माण की परियोजना

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इसके बाद रांची के ओटीसी ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रांची में आउटर रिंग रोड निर्माण के लिए 6 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजना जल्द शुरू करने की घोषणा की.

इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के क्षेत्र में मोदी ने बनाए सात वर्ल्ड रिकॉर्ड 

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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के क्षेत्र में सात वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं और यह विकास यात्रा निरंतर जारी है. 'विकसित भारत' का लक्ष्य पूरा करने के लिए झारखंड जैसे प्रदेश का विकसित होना जरूरी है. केंद्र सरकार का वादा है कि झारखंड प्रदेश के चौतरफा विकास की योजनाओं के लिए पैसों की कमी नहीं होने दी जाएगी. झारखंड में मौजूदा वक्त में राष्ट्रीय राजमार्ग और परिवहन संरचनाओं के विकास के लिए दो लाख करोड़ की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं. इनमें से कई परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं और बाकी परियोजनाओं पर काम चल रहा है.

केंद्रीय मंत्री ने रांची-संभलपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर, रांची-खूंटी फोरलेन और पाकुड़ एवं हंटरगंज में बाईपास की परियोजनाओं को मंजूरी देने का भी ऐलान किया. उन्होंने कहा कि दो साल के अंदर भारत का रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर अमेरिका के बराबर पहुंच जाएगा. राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाओं पर व्यापक स्तर पर चल रहे काम का ही नतीजा है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में परिवहन व्यय (लॉजिस्टिक कॉस्ट) 16 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत पर पहुंच गया है. इससे पूरे देश में निर्यात, उद्योग, व्यापार और रोजगार के विकास के द्वार खुल रहे हैं. वाराणसी-कोलकाता-रांची ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कार्य मार्च 2028 में पूरा होगा. इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना का 203 किमी इलाका झारखंड में पड़ता है. परियोजना पूरी होने पर वाराणसी से रांची के बीच यात्रा का समय 9 घंटे से कम होकर 4.30 घंटे हो जाएगा.

केंद्रीय मंत्री ने रांची में आयोजित कार्यक्रम में बरही-कोडरमा फोर लेन, पलमा से गुमला तक 63 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क, गिरिडीह शहर में एनएच 114 ए सड़क चौड़ीकरण, गोड्डा से सुंदरपहाड़ी एनएच 333 ए पर टू लेन पेव्ड शोल्डर चौड़ीकरण, बाराहाट से तुलसीपुर टू लेन पेव्ड शोल्डर परियोजनाओं का लोकार्पण किया. इसके अलावा उन्होंने दामोदर नदी पर हाई लेवल ब्रिज एवं आरओबी, सिमडेगा जिले में 8 हाई लेवल ब्रिज और मुर्गाताल से मानपुर तक पेव्ड शोल्डर चौड़ीकरण की परियोजनाओं का शिलान्यास किया.

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इसके पहले गढ़वा जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला तक फोरलेन सड़क का लोकार्पण और शंखा से खजुरी तक फोरलेन सड़क परियोजना का शिलान्यास किया. इन सभी परियोजनाओं की लागत 6,300 करोड़ से अधिक है.

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