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जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण जल्द होगा शुरू, एक रनवे से उड़ेंगी रोज करीब 150 फ्लाइट

UP: अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट के पहले चरण का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जो काम बाकी है उसे भी 10 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद एयरपोर्ट को शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा हवाई केंद्र बनने की दिशा में तैयार किया जा रहा है.

Image Source: Social Media
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UP Jewar Airport will Start Soon: गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तेजी से तैयार हो रहा है और अब इसके संचालन की दिशा में काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है. यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है. अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट के पहले चरण का लगभग 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जो काम बाकी है उसे भी 10 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद एयरपोर्ट को शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. यह एयरपोर्ट न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा हवाई केंद्र बनने की दिशा में तैयार किया जा रहा है.

पहले चरण में एक रनवे से शुरू होगा संचालन

एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे के साथ उड़ानों का संचालन शुरू किया जाएगा. शुरुआत में इस एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी. अधिकारियों का अनुमान है कि यहां से रोजाना औसतन करीब 150 उड़ानों का संचालन किया जा सकेगा. जैसे-जैसे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, एयरपोर्ट की सुविधाओं को भी उसी हिसाब से बढ़ाया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि जब यहां यात्रियों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो जाएगी, तब दूसरे रनवे के निर्माण का काम भी शुरू कर दिया जाएगा. दो रनवे बनने के बाद यह एयरपोर्ट लगभग 7 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम हो जाएगा.

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हजारों एकड़ में विकसित हो रहा एयरपोर्ट

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जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण करीब 3,300 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसी हिस्से का उद्घाटन किया जाएगा. इस पूरी परियोजना के लिए सरकार ने पहले ही लगभग 6,700 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया है. इसके अलावा भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए करीब 5,100 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी अगले तीन महीनों में अधिग्रहित करने की योजना है. इस परियोजना पर सरकार और संबंधित एजेंसियां बड़ी मात्रा में निवेश कर रही हैं. जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट के लिए जमीन खरीदने में लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि निर्माण कार्य पर करीब 7000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है.

भविष्य में बनेगा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट

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जेवर एयरपोर्ट को भविष्य में देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक हवाई अड्डों में से एक बनाने की योजना है. जब यह परियोजना पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तब यहां कुल पांच रनवे होंगे और एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल लगभग 11,750 एकड़ तक पहुंच जाएगा. इतनी बड़ी क्षमता के साथ यह एयरपोर्ट हर साल करीब 30 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षमता इसे दुनिया के सबसे बड़े और व्यस्त हवाई अड्डों की श्रेणी में ला सकती है.

क्षेत्र के विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

जेवर एयरपोर्ट के निर्माण से केवल हवाई यात्रा ही आसान नहीं होगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास की गति भी तेज होगी. एयरपोर्ट के आसपास लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है. इससे बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. स्थानीय लोगों को नई नौकरियां मिलने के साथ-साथ व्यापार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

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दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव भी होगा कम

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प्रदेश सरकार का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यह दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा परिवहन केंद्र बनकर उभरेगा. इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि इसके संचालन से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बढ़ते यात्री दबाव को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा. साथ ही यह परियोजना उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश, व्यापार और पर्यटन के नक्शे पर और मजबूत तरीके से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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