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पार्टी नेता की मौत के बाद बुरे फंसे संजय निषाद, लगे गंभीर आरोप !

UP सरकार में मंत्री Sanjay Nishad विवादों में आ गए. निषाद पार्टी के युवा नेता ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी जान दे दी. जिसके बाद बवाल तेज हो गया.

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सड़कों पर बवाल, प्रदर्शन, गुस्सा और आंसू। यूपी के महराजगंज में एक युवा नेता की मौत के बाद राजनीतिक उबाल तेज हो गया।और सवालों के घेरे में आ गए यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद।संजय निषाद की पार्टी के नेता और प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने उन पर गंभीर आरोप लगाकर अपनी जान दे दी।जिसके बाद पार्टी के अंदर और बाहर तनाव बढ़ गया। 

महराजगंज में निषाद पार्टी के प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद की मौत के बाद बवाल बढ़ता जा रहा है। धर्मात्मा निषाद ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। मौत से पहले धर्मात्मा ने फेसबुक पर लंबा चौड़ा पोस्ट कर संजय निषाद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इस कदम के पीछे संजय और उनके दोनों बेटों को वजह बताया। अपनी पोस्ट में धर्मात्मा निषाद ने लिखा, 


"मैं अपनी जिंदगी की लड़ाई हार गया। मैंने करीब 10 साल से डॉ. संजय निषाद कैबिनेट मंत्री के साथ सामाजिक और राजनीतिक संगठन जैसे राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद और निषाद पार्टी के विभिन्न पदों पर रहते हुए काम किया। इसमें पिछले 10 साल से मैंने कभी भी अपने परिवार को समय नहीं दिया। जितना मैंने डॉ. संजय कुमार निषाद और उनके परिवार के लोगों के साथ समाज को समय दिया। इस बीच मैंने उत्तर प्रदेश के 40-50 जिलों में संगठन और पार्टी के लिए काम किया। इसकी वजह से निषाद समाज के युवाओं के साथ अन्य वर्ग के भी युवाओं में मेरी लोकप्रियता बढ़ती गई। इस कारण डॉ. संजय कुमार निषाद और उनके बेटों की बेचैनी बढ़ने लगी। इसी बात को लेकर पिछले 2 साल से डॉ. संजय कुमार निषाद और उनके बेटों ने मेरे खिलाफ सामाजिक और राजनीतिक रूप से षड्यंत्र करते हुए मुझे कमजोर करने की कोशिश की। फिर मेरे ही साथ के युवा साथियों को भड़काने और मेरे खिलाफ खड़ा करने के लिए तरह-तरह के लालच दिए। मेरी टीम के साथियों को फर्जी मुकदमे में फंसाने की कोशिश होने लगी " 

धर्मात्मा निषाद ने पोस्ट में अपने और अपने परिवार के ऊपर हुए हमले का भी जिक्र किया। और आरोप लगाया कि संजय निषाद के दोनों बेटों ने उन्हें मारने के लिए गुंडे भेजे। धर्मात्मा निषाद ने लिखा, "मैं चाहता तो तुरंत उन्हें जान से मार सकता था लेकिन मैं अपने आपको खूनी नहीं बनाना चाहता था। इसलिए मैंने इस एहसान फरामोश दुनिया से दूरी बना लेने की सोची"

धर्मात्मा निषाद की मौत के बाद तनाव का माहौल है। निषाद समाज के लोग सड़कों पर उतर आए और संजय निषाद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने लोगों को शांत करवाने की कोशिश की। लेकिन परिवार संजय निषाद पर केस दर्ज करने की मांग पर अड़ा रहा। परिवार का कहना है कि पोस्ट में धर्मात्मा ने जिन लोगों का जिक्र किया है उन सभी पर आपराधिक केस हो। वहीं, इस पूरे मामले पर मंत्री संजय निषाद की सफाई भी आई है।

संजय निषाद ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को झुठला दिया। साथ ही धर्मात्मा निषाद की फेसबुक पोस्ट पर ही सवाल उठा दिया। उन्होंने कहा, ये उनकी और पूरी पार्टी की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, इस मामले ने सियासी रूप भी ले लिया। समाजवादी पार्टी ने लखनऊ में संजय निषाद का पुतला फूंकते हुए उन पर कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उधर धर्मात्मा निषाद के परिवार ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी और 50 लाख का मुआवजा देने की मांग की। बहरहाल पार्टी नेता की मौत के बाद संजय निषाद सवालों के घेरे में आ गए। देखना होगा प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करता है।
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