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’10 दिन में जगह खाली करें रोहिंग्या…’ हरियाणा में तीन गांवों की पंचायत का बड़ा फरमान
रोहतक के महम में रोहिंग्याओं को लेकर पंचायत में बड़ा फैसला लिया गया है. आरोप है कि असम से आए लोग यहां अपराध में लिप्त है. इसलिए उन्हें 10 दिन में जगह खाली करनी होगी.
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एक तरफ देश में नागरिकता को लेकर बहस छिड़ी है तो दूसरी और अवैध नागरिकों पर कार्रवाई जारी है. प्रशासन के साथ-साथ अब पंचायतें भी रोहिंग्याओं की पहचान कर रही हैं. हरियाणा (Haryana) के रोहतक (Rohtak) में तीन गांवों की पंचायत ने रोहिंग्याओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है.
रोहतक के महम के अशोक नगर पंचायत ने रोहिंग्या समुदाय के लोगों को 10 दिनों के भीतर जगह खाली करने का फरमान सुनाया है. फैसला सुनाते वक्त रोहिंग्या समुदाय के लेबर प्रधान को भी बुलाया गया था. जबकि पंचायत की अगुवाई BJP नेता अजीत अहलावत ने की.
देश की सुरक्षा के लिए 'खतरा' बताया
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पंचायत सदस्यों के बीच रोहिंग्याओं को लेकर चर्चा हुई. जिसमें उन्हें देश की सुरक्षा के लिए खतरा माना गया. इस दौरान अशोक नगर, इमलीगढ़ और कृष्णगढ़ पंचायत के सदस्य और ग्रामीण मौजूद थे. लोगों का आरोप है कि रोहिंग्या लोग संदिग्ध गतिविधियों और गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हैं. जो स्थानीय लोगों और देश के लिए खतरा हैं.
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दरअसल, पंचायत के सामने कई ऐसे मामले सामने आए थे जिसमें रोहिग्याओं की भूमिका संदिग्ध मानी गई. पंचायत में एक पीड़ित बच्ची भी पहुंची, जिसने बताया कि कुछ समय पहले रास्ते से गुजरते समय बस्ती के कुछ लोगों ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था. इस मामले में पुलिस को बुलाकर समझौता करवाया गया था. आरोप है कि रोहिंग्या अपने साथ अपराध में महिलाओं को भी शामिल करते हैं. उन्हें बहकाते हैं और अपराध को अंजाम देते हैं.
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असम से आए लोगों को खाली करने का फरमान
बताया जा रहा है जिन लोगों के खिलाफ ये फरमान सुनाया गया है. वह असम से आए हैं और करीब आठ साल से महम क्षेत्र में रह रहे हैं. इसे लेकर महम थाना SHO सब इंस्पेक्टर सुरेश ने बताया, इस बारे में शिकायत नहीं आई है. पुलिस अक्सर जांच करती रहती है. झुग्गियों में रह रहे लोग असम के रहने वाले हैं. लगभग दो सप्ताह पहले ही सभी की आईडी चेक की गई थी. फिलहाल इस मामले की जांच जारी है. वहीं, BJP नेता ने इसे सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया है.
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