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‘लैंड जिहादियों’ को CM धामी की चेतावनी, देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश की तो होगा सख्त एक्शन!
नीली, पीली, हरी चादर चढ़ाकर सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया. अवैध मजारे बनाकर देवभूमि की सूरत बदलने वालों को CM धामी ने चेताया है.
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ में शामिल हुए. इस कार्यक्रम में उन्होंने लैंड माफिया को सख्त संदेश दिया. CM धामी ने कहा, देवभूमि की डेमोग्राफी और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है.
CM धामी ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, पहले की सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों में लैंड जिहाद किया गया. लैंड जिहाद एक सुनियोजित षड्यंत्र है, इसके तहत ‘नीली, पीली और हरी चादर चढ़ाकर’ सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया. हमने इसके खिलाफ नियमों के अनुसार अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. हमने पहले ही लोगों को चेतावनी दी. कुछ लोगों ने अतिक्रमण छोड़ा, लेकिन कुछ जगहों पर प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटवाया गया.
10 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन अतिक्रमण मुक्त
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पुष्कर सिंह धामी ने कहा, ‘हमने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करवाया गया है. डेमोग्राफी के असंतुलन और देवस्थान को बदनाम करने वालों के खिलाफ भी हमने अभियान चलाया है और वेरिफिकेशन ड्राइव भी चलाई गई.
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धामी सरकार ने तेज की जांच
उत्तराखंड में 2003 के बाद परिवार रजिस्टर में कई नाम जोड़े गए हैं. हमने हाल ही में एक निर्णय लिया है कि सभी जिलों के परिवार रजिस्टर को एक जगह सील कर दिया जाए. उनकी जांच करवाई जाएगी. मदरसा बोर्ड खत्म किए जाने पर उन्होंने कहा कि हम अल्पसंख्यक शिक्षा में सुधार का कानून लेकर आए हैं.
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अल्पसंख्यक समाज के अंदर सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई लोगों को भी इसमें लाया गया है. अल्पसंख्यक शिक्षा में सुधार को लेकर लाए गए कानून से इन्हें भी फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा कि मदरसों का नाम कुछ और है, पढ़ाई कुछ और हो रही है। काम कुछ और हो रहा है. बाहर से कुछ और दिखाई देता है, लेकिन संदिग्ध लोग पकड़े जाते हैं. पहचान छुपाकर लोगों को शरण दी जाती है. यहां के लोगों में आधुनिक शिक्षा दिखाई नहीं देती है. आधुनिक शिक्षा पढ़ाई जानी चाहिए. हमने तय किया है कि एक जुलाई 2026 के बाद ऐसे मदरसे बंद कर दिए जाएंगे, जिनमें उत्तराखंड सरकार द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाए जाएंगे. 250 से अधिक अवैध मदरसों को हमने बंद कर दिया है.
CM धामी ने साफ किया कि देवभूमि के अंदर 500 साल पुरानी कट्टरवादी मानसिकता वाली शिक्षा या कबीलाई मानसिकता को पनपने नहीं देंगे. हमने शिक्षा और ज्ञान के मंदिर स्थापित करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि जब हमने आयुष्मान योजना शुरू की थी तो हमें अनुमान था कि इसका खर्च 100 से 200 करोड़ का आएगा, लेकिन ये कई सौ करोड़ पहुंच गया है. जब हमने इसकी समीक्षा की तो आंकड़े चौंकाने वाले आए हैं. SIR चल रहा है, लेकिन हम अपने स्तर पर पहले से ही सत्यापन शुरू करवा चुके हैं. उन्होंने कहा कि देवभूमि साफ और सुथरी होनी चाहिए. हमारा मकसद किसी को टारगेट करना नहीं है.
‘आने वाली पीढ़ियों को मिले साफ सुथरा उत्तराखंड’
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पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जब आप कोई काम करते हैं, तो आकलन करके करते हैं. मैंने देवभूमि के हित के लिए कदम उठाया. देवभूमि के भविष्य को सवारना चाहता हूं, आने वाली पीढ़ियों के लिए साफ सुथरा उत्तराखंड बनाना चाहता हूं. बच्चों को मैं असुरक्षित भविष्य नहीं देना चाहता हूं. इसलिए मुझे लगता है कि अतिक्रमण हटाने और धर्म के हिसाब से काम करने के लिए भगवान की भी कृपा होती है. बड़ों का भी आशीर्वाद होता है. हमने नियमों के अनुसार काम किया है.
‘जमीन अतिक्रमण के लिए बनाई गई मजार’
CM धामी ने अवैध अतिक्रमण करने वालों को चेताा. उन्होंने कहा, 600 से ज्यादा ढांचे ऐसे बने हुए थे, जो सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके बने थे. उन्होंने देहरादून में बनी एक पुरानी मजार का जिक्र किया. उन्होंने कहा, इस मजार के नीचे कुछ भी नहीं था, ऐसी 600 जगहों की पहचान की गई. जहां सिर्फ जमीनों को अतिक्रमण करने के लिए मजार बनाए गए हैं.
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CM धामी ने लैंड जिहाद को खत्म करने का संकल्प लिया. उन्होंने कहा, देवभूमि के देवत्व को हम कोई नुकसान नहीं होने देंगे. उसके लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, हम उसे उठाएंगे. हम ऐसा कर भी रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे. पूरे भारत समेत पूरी दुनिया के लोग चाहते हैं कि देवभूमि का अस्तित्व किसी कीमत पर खराब नहीं होना चाहिए, ये हमारी जिमेदारी है.