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परिवार रजिस्टर में गड़बड़ी! CM धामी ने की हाई लेवल मीटिंग, सख्त एक्शन के दिए निर्देश

एक अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच नए परिवार जोड़ने के लिए 2,66,294 एप्लिकेशन मिले हैं. इनमें से 2,60,337 आवेदन स्वीकार किए गए हैं.

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उत्तराखंड की धामी सरकार विभागों में लापरवाही को लेकर बेहद सख्त है. हाल ही में परिवार रजिस्टर में सामने आईं गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा कदम उठाया है. CM धामी ने विभागीय अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग कर जांच के आदेश दिए हैं. 

बैठक में CM धामी ने प्रदेशव्यापी जांच के निर्देश दिए हैं. जिसमें प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध परिवार/कुटुंब रजिस्टरों की प्रतियां तत्काल संबंधित जिलाधिकारी के पास सुरक्षित रखे जाने के बारे में कहा गया है. ताकि अभिलेखों (Documents) में किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना न हो. साथ ही साथ ही, परिवार रजिस्टरों की गहन जांच सीडीओ/ एडीएम स्तर पर कराए जाने का फैसला भी लिया गया है. 

पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर

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CM धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि जांच का दायरा साल 2003 से अब तक रखा जाएगा, ताकि पहले की संभावित अनियमितताओं का भी पता लगाया जा सके. इसके बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हर परिवार का नाम परिवार/कुटुंब रजिस्टर में दर्ज होना अनिवार्य है. वर्तमान प्रविष्टियों के शुद्धिकरण और नए नामों को जोड़ने की प्रक्रिया का प्रावधान भी नियमावली में निहित है, जिसे अब और ज्यादा सख़्त और पारदर्शी बनाने की तैयारी है. 

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CM धामी ने साफ किया कि परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने का अधिकार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को प्राप्त है, जबकि अपील का अधिकार उप जिलाधिकारी के पास निहित है. वर्तमान में परिवार रजिस्टर से संबंधित सेवाएं अपणी सरकार पोर्टल के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जा रही हैं. पंचायती राज विभाग की ओर से पेश आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में परिवार रजिस्टर से जुड़ी सेवाओं के लिए प्रदेशभर में बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं. 

कितने आवेदन हुए निरस्त? 



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एक अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 के बीच नए परिवार जोड़ने के लिए 2,66,294 एप्लिकेशन मिले हैं. इनमें से 2,60,337 आवेदन स्वीकार किए गए हैं. जबकि 5,429 आवेदन नियमों के उल्लंघन और अपूर्ण दस्तावेजों के चलते निरस्त किए गए. CM धामी ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों सहित प्रदेश के सभी जिलों में समान रूप से जांच की जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में भेदभाव या ढिलाई न हो. उन्होंने परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज किए जाने की प्रक्रिया को स्पष्ट और नियंत्रित करने पर जोर दिया. CM धामी ने साफ किया कि सरकारी अभिलेखों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. 

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