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महाराष्ट्र में विपक्ष फिर हुआ पस्त... CM फडणवीस की रणनीति ने BJP को दिलाई एक और बड़ी जीत, जिला परिषद चुनावों में पार्टी का जलवा

महाराष्ट्र में बीजेपी का जलवा बरक़रार है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की रणनीति के चलते निकाय चुनाव के बाद बीजेपी को ज़िला परिषद के चुनाव में बड़ी जीत मिली है.

Eknath Shinde/ Devendra Fadnavis (File Photo)
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छे दिन साबित हुए हैं. केंद्र सरकार की नीतियों और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सक्रिय रणनीति का असर अब हर चुनाव में साफ नजर आने लगा है. हाल ही में संपन्न हुए जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के नतीजों ने यह संकेत दे दिया है कि राज्य में बीजेपी का राजनीतिक आधार लगातार मजबूत हो रहा है.

रविवार को महाराष्ट्र में कुल 731 जिला परिषद और 1462 पंचायत समिति सीटों के लिए मतदान हुआ था. इस चुनावी प्रक्रिया में करीब 2 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. पहले यह चुनाव 5 फरवरी को होने वाले थे, लेकिन डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के कारण इन्हें स्थगित कर दिया गया था. इसके बाद 8 फरवरी को मतदान कराया गया और अब नतीजे सामने आ रहे हैं.

145 सीटों पर बीजेपी को बढ़त

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अब तक मिली जानकारी के अनुसार जिला परिषद चुनावों में बीजेपी 145 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. महायुति गठबंधन के सहयोगी दल भी अच्छा प्रदर्शन करते नजर आए हैं. एकनाथ शिंदे की शिवसेना 85 सीटों पर आगे है, जबकि अजित पवार गुट की एनसीपी 80 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. यह आंकड़े साफ तौर पर महायुति गठबंधन की मजबूती को बताते हैं. क्षेत्रवार नतीजों की बात करें तो बीजेपी को सांगली, सतारा और पनवेल जैसे अहम इलाकों में स्पष्ट बढ़त मिली है. इन क्षेत्रों में पार्टी की संगठनात्मक पकड़ और सरकार की योजनाओं का असर दिखता नजर आ रहा है. 

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अजित पवार के गढ़ पार्टी का जलवा बरकरार 

वहीं दूसरी ओर अजित पवार के गढ़ बारामती में एनसीपी का दबदबा कायम है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजित पवार के निधन के बाद पैदा हुई सहानुभूति लहर का लाभ एनसीपी को इस क्षेत्र में मिला है. अजित पवार को पुणे और मराठवाड़ा के बड़े नेताओं में गिना जाता था और इन इलाकों में उनकी मजबूत पकड़ रही है. वहीं, विपक्षी दलों के लिए यह चुनाव निराशाजनक साबित हुआ है. विधानसभा चुनावों के बाद से संघर्ष कर रही कांग्रेस को जिला परिषद में महज 30 सीटों पर ही बढ़त मिल सकी है. वहीं उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना केवल 21 सीटों तक सीमित रह गई है. यह परिणाम विपक्ष के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है.

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बताते चलें कि जिला परिषद चुनावों के नतीजे यह संकेत दे रहे हैं कि महाराष्ट्र में बीजेपी और महायुति गठबंधन की सियासी स्थिति फिलहाल मजबूत बनी हुई है. आने वाले चुनावों में इसका असर और गहराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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