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बीजापुर में नक्सली विरोधी अभियान के दौरान IED ब्लास्ट, एक जवान शहीद और 3 घायल
अचानक हुए ब्लास्ट से जवानों में अफरातफरी मच गई. घटना के तुरंत बाद घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया.
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सली विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट की खबर आई है. नेशनल पार्क क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान सोमवार को डीआरजी के एक जवान दिनेश नाग शहीद हो गए, जबकि तीन और जवान घायल हुए हैं.
ब्लास्ट के दौरान जवानों में मची अफरातफरी
यह घटना उस वक्त हुई जब सोमवार सुबह डीआरजी की टीम रविवार को शुरू हुए सर्च ऑपरेशन के तहत इलाके की घेराबंदी कर तलाशी ले रही थी. अचानक हुए ब्लास्ट से जवानों में अफरातफरी मच गई. घटना के तुरंत बाद घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया. मिली जानकारी के अनुसार, अभी तीनों जवान खतरे से बाहर हैं. बेहतर इलाज के लिए उन्हें इवैक्यूएट कर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
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माओवादी विरोधि अभियान में 2 जवान घाटल
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इससे पहले, बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान 12 अगस्त को डीआरजी के दो जवान घायल हो गए थे. दोनों जवानों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से रायपुर भेजा गया था.
मुख्यमंत्री ने एक्स पर साझा की जानकारी
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इससे पहले, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 7 अगस्त को नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली थी. यहां 24 लाख रुपए के इनामी सहित 9 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था. इसके अलावा, सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान एक माओवादी को मार गिराया था. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर यह जानकारी साझा की थी.
माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2023 से अब तक राज्य में करीब 450 माओवादी मारे जा चुके हैं. इसके अलावा, 1,500 से ज्यादा माओवादियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं, 1,500 से ज्यादा माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है.
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2026 तक देश होगा नक्सलवाद से मुक्त!
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की बात कही है. उन्होंने नक्सलियों से भी अपील की कि वे मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों.