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अब सिंदूर सिर्फ एक शब्द नहीं, एक जज़्बा है... गोरखपुर में दर्जनों बच्चों के नाम सिंदूर और सिंदूरी रखे गए
'ऑपरेशन सिंदूर' गोरखपुर के लिए यादगार बन गया है. यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद चलाया गया, लेकिन सिंदूर शब्द लोगों के दिल और दिमाग में बैठ गया है. लोगों के अंदर देश-प्रेम की ऐसी भावना जागी कि कई लोगों ने अपने बच्चों का नाम सिंदूर और सिंदूरी रख दिया.
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गोरखपुर में पिछले 48 घंटे में 12 से अधिक नॉर्मल और सिजेरियन से पैदा हुए बच्चों का नाम सिंदूर रखा गया है. बता दें कि भारतीय सेना की तरफ से 6-7 मई की रात पाकिस्तान में आतंकियों के ऊपर एयर स्ट्राइक किया गया था, जिसका नाम ऑपरेशन सिंदूर रखा गया था. इस ऑपरेशन का मकसद जम्मू- कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेना था.
माता-पिता के देशप्रेम से खुश दिखे डॉक्टर्स
ऑपरेशन सिंदूर गोरखपुर के लिए यादगार बन गया है. यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद चलाया गया था. लेकिन सिंदूर शब्द लोगों के दिल और दिमाग में बैठ गया है. लोगों के अंदर देश-प्रेम की ऐसी भावना जागी कि कई लोगों ने अपने बच्चों का नाम सिंदूर और सिंदूरी रख दिया. माता-पिता के इस देशप्रेम की भावना से डॉक्टर्स भी काफी खुश हैं.
सिटी के पोद्दार क्लिनिक एंड मैटरनिटी सेंटर में आठ तारीख को एक दंपत्ति को बेटी हुई और उन्होंने अपने बच्ची का नाम सिन्दूरी रखा है, और इसकी चर्चा अस्पताल से लेकर पूरे शहर में हो रही है. ऐसे ही सिटी में करीबन जिला महिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पताल तक दर्जनों बच्चों के नाम ऑपरेशन सिंदूर पर रखे जा रहे है. जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. लड़का होने पर लोग सिंदूर और लड़की होने पर सिन्दूरी रख रहे है.
ऑपरेशन सिंदूर के अगले दिन जन्मा बच्चा, नाम रखा सिंदूरी
सिटी के नौसढ़ की रहने वाली विकास शर्मा की पत्नी रीना ने जिला महिला अस्पताल में आठ मई को एक बच्ची को जन्म दिया. भारतीय सेना ने 6/7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया था, लिहाजा ये नाम सबको याद है. विकास ने बताया कि उन्होंने परिवार से सलाह के बाद अपनी बेटी का नाम सिंदूरी रखा. जिसके पीछे की वजह सेना को सम्मान देना है.
सिटी के सरैया बाजार की रहने वाली संध्या ने 8 मई की शाम को एक बच्ची को जन्म दिया और परिवार वाले बहुत खुश हुए.ऑपरेशन सिंदूर की खबर से प्रभावित होकर उन्होंने अपने बेटी का नाम सिन्दूरी रख दिया. संध्या बताती है कि ये बहुत गर्व की बात है कि बेटी का नाम इस गौरव से जुड़ा है. जब ये बड़ी होगी और इसकी जानकारी मिलेगी, तो वह कितनी खुश होगी.
पोद्दार क्लिनिक एंड मैटरनिटी सेंटर में झगहा निवासी कल्याणी सिंह जिनके बेटे का जन्म हुआ है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे बेटे के नाम से ही उसे देशभक्ति की प्रेरणा मिले. वह आगे बड़ा होकर भारतीय सेना में शामिल हो. यही हमारा सपना है. सिंदूर सिर्फ एक नाम नहीं एक जज़्बा है. देश के लिए कुछ कर गुजरने का.
बता दें कि इस अस्पताल में ऑपरेशन सिंदूर के बाद दो दिनों के अंदर करीब 8-9बच्चों का जन्म हुआ. अस्पताल की डॉक्टर शर्मिला पोद्दार बताती है. 'पाकिस्तान में आतंकी ठिकाने को ध्वस्त करने वाले मिशन ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर दर्जनों बच्चों के परिजनों ने अपने बच्चों का नाम सिंदूर रखा. यह नाम न सिर्फ ऑपरेशन की सफलता का प्रतीक बन गया है. बल्कि यह भी दिखाता है कि गोरखपुर के दिलों में सेना और देश के प्रति सम्मान है. लोग अपने बच्चों का नाम पहले हीरो-हीरोइन के नाम पर रखते थे पर अब अपने देश के सम्मान में रख रहे हैं.
इसी तरह सिटी के ग्रीनलैैंड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भी दो से तीन दिनों के अंदर लगभग 6-7 बच्चों का जन्म हुआ. जिनमें से 4 पैरेट्स ने अपने बच्चों का नाम के नाम पर रखा. जिसकी चर्चा सिटी में हर तरफ हो रही है.
आगे डॉ. सुधीर गुप्ता बताते हैं, ऑपरेशन सिंदूर से प्रभावित होकर लोग अपने बच्चों का नाम इस पर रख रहे है. हमारे अस्पताल में एक बच्ची का जन्म हुआ. बच्ची के माता-पिता ने सिन्दूरी नाम रखने का फैसला लिया, ये बच्ची आगे चलकर महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगी. देखिये जैसे अभी हमारी दो महिला सैन्य अधिकारी पूरे ऑपरेशन सिंदूर को ब्रीफ कर रही है वैसे ही ये बच्ची भी आगे चलकर कुछ बड़ा कर सकती है. वैसे भी कहते है न कि नाम का बहुत असर होता है.
वहीं एक जन्में बच्चें के पिता अवनीश कहते हैं, 'जिस दिन सेना ने दुश्मन पर प्रहार कर देश का सिर ऊंचा किया, उसी दिन मेरे घर बेटे का जन्म हुआ है. इसीलिए मैने अपने बेटे का नाम सिंदूर रखा है. आगे चलकर इसको मैं सेना में भेजूंगा और इसके अंदर देशभक्ति की भावना जगाऊंगा.'
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