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राष्ट्रगान का अपमान कर बुरे फंसे नीतीश कुमार! कानून के तहत कितने साल की सजा का है प्रावधान! क्या कहता है नियम

बता दें कि राष्ट्रगान के दौरान आपको सम्मानजनक सावधान मुद्रा में खड़े रहना जरूरी है। उस दौरान आप न किसी से बात कर सकते हैं न ही शरीर का कोई अंग इधर-उधर कर सकते हैं। राष्ट्रगान के दौरान आप किसी को जानबूझकर रोकने या लाइन में खड़े किसी के लिए बाधा उत्पन्न नहीं कर सकते हैं।

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बिहार सीएम नीतीश कुमार राष्ट्रगान अपमान मामले को लेकर बुरी तरीके से घिरते जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार का वीडियो खूब तेजी से वायरल हो रहा है। जहां वह एक प्रोग्राम में शिरकत के दौरान राष्ट्रगान के वक्त हाय-हेलो करते नजर आ रहे हैं। नीतीश कुमार राष्ट्रगान के वक्त प्रधान सचिव दीपक कुमार को बार-बार टोकते नजर आ रहे हैं। लेकिन दीपक कुमार ने राष्ट्रगान के दौरान कोई भी बातचीत नहीं की। हालांकि  वह थोड़े असहज नजर आ रहे थे। वह इशारों में नीतीश कुमार को सावधान मुद्रा में खड़े होने की बात कह रहे थे। राष्ट्रगान के दौरान नीतीश के इस वायरल वीडियो ने बवाल मचा दिया है। उन पर विपक्षी दलों ने जमकर हमला किया है। ऐसे में इस हरकत के बाद सवाल उठता है कि अगर किसी ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। तो कानून के तहत कौन सी सजा का प्रावधान है ? आखिर कानून के तहत कितने साल की सजा हो सकती है ? राष्ट्रगान के दौरान किस मुद्रा में खड़े रहना जरूरी है ? आखिर क्या राष्ट्रगान का नियम ? 

नीतीश कुमार द्वारा राष्ट्रगान अपमान का क्या है पूरा मामला ? 

जानकारी के लिए बता दें कि गुरुवार 20 मार्च को बिहार की राजधानी पटना में ‘सेपक टकरा’ वर्ल्ड कप 2025 का उद्घाटन समारोह था। जहां इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ कई मंत्री,विधायक और प्रशासनिक अधिकारी शिरकत कर रहे थे। इस कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बजना शुरू हुआ। इस दौरान पहली लाइन में नीतीश कुमार के बाईं ओर मंत्री विजय चौधरी और दाएं तरफ उनके प्रधान सचिव दीपक कुमार खड़े थे। राष्ट्रगान के 17वें सेकंड में नीतीश कुमार ने दीपक कुमार के हाथ को टच किया। लेकिन दीपक कुमार ने नीतीश कुमार को इशारा किया कि सावधान मुद्रा में हो जाइए। लेकिन नीतीश कुमार नहीं हुए। उन्होंने दीपक कुमार के कंधे को भी हिलाना शुरू किया। लेकिन इस दौरान दीपक कुमार कुछ भी नहीं बोल रहे थे। नीतीश के चेहरे पर स्माइल थी और यह पूरा माजरा 6 सेकंड तक चलता रहा। वीडियो के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने नीतीश को घेरना शुरु कर दिया। 

राष्ट्रगान के दौरान किस मुद्रा में खड़े रहना जरूरी ?

बता दें कि राष्ट्रगान के दौरान आपको सम्मानजनक सावधान मुद्रा में खड़े रहना जरूरी है। उस दौरान आप न किसी से बात कर सकते हैं न ही शरीर का कोई अंग इधर-उधर कर सकते हैं। राष्ट्रगान के दौरान आप किसी को जानबूझकर रोकने या लाइन में खड़े किसी के लिए बाधा उत्पन्न नहीं कर सकते हैं। 

पहली बार राष्ट्रगान को कब अपनाया गया

24 जनवरी साल 1950 को संविधान सभा ने ‘जन गण मन’ को भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया। इस राष्ट्रगान को पहली बार 27 दिसंबर, साल 1911 को कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था। राष्ट्रगान को 52 सेकंड में पूरा करना होता है। इसे गाते समय किसी को परेशान नहीं करना,शोर गुल, अशांति या दूसरे गानों की आवाज नहीं होनी चाहिए।

राष्ट्रगान का अपमान करने पर कितने वर्ष की सजा होगी
आपको बता दें कि अगर कोई राष्ट्रगान का अपमान करता है। तो प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट 1971 के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने पर 3 साल तक की जेल,जुर्माना या फिर दोनों हो सकती है।

राष्ट्रगान अपमान मामले में विपक्षी नेताओं ने क्या कुछ कहा ?
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार से सदन में माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने विधान परिषद में कहा कि "नीतीश कुमार का दिमाग खराब है।" विधान परिषद में इस मामले को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। इसके बाद सदन की कार्रवाई 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि "राष्ट्रगान का सम्मान है। तो देश का सम्मान है। लाखों लोगों ने कुर्बानी दी तो देश को तिरंगा और राष्ट्रगान मिला।" बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि " राष्ट्रगान का अपमान सिर्फ नीतीश कुमार ने नहीं किया बल्कि यह अपमान इक ऐसे नेता ने किया है। जो सूबे के मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ बिहार एनडीए शीर्ष के सबसे बड़े नेता है। यह अपमान बीजेपी-जेडीयू और उसके सहयोगी दलों की सहमति के साथ किया गया है। 

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