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नायब सरकार का बड़ा फैसला… इस फ्लाईओवर का नाम बदला, अब कहलाएगा अटल सेतु
CM नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है. एलिवेटेड फ्लाईओवर का उद्घाटन 10 अप्रैल 2022 को किया गया था.
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Haryana News: देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) की 101वीं जयंती पर हरियाणा (Haryana) के पलवल (Palwal) में फ्लाईओवर (Flyover) का नाम बदला गया है. पलवल फ्लाईओवर अब अटल सेतु के नाम से जाना जाएगा. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है.
नगर परिषद के चेयरमैन डॉ. यशपाल ने बताया कि CM नायब सैनी के साथ बैठक की गई थी. जिसमें फैसला लिया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर महर्षि दयानंद चौक से किसान चौक (अलावलपुर चौक) तक एलिवेटेड फ्लाईओवर अब अटल सेतु के नाम से जाना जाएगा. बैठक में पलवल के विकास और योजनाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई.
'महान नायक को मिला सच्चा सम्मान'
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डॉ. यशपाल ने कहा, जन भावनाओं को देखते हुए पलवल फ्लाईओवर का नाम बदलकर अटल सेतु किया गया है. उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी आधुनिक भारत के उन दूरदर्शी नेताओं में अग्रणी रहे, जिनके कार्यकाल में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना जैसी ऐतिहासिक योजनाएं शुरू की गईं थी. जिनसे देशभर में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत हुई. इन परियोजनाओं ने न केवल यातायात को सुगम बनाया, बल्कि व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति दी. डॉ. यशपाल के मुताबिक, यह कदम राष्ट्रनायक और महानायक अटल बिहारी वाजपेयी को सच्चा सम्मान देने के लिए उठाया गया है.
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साल 2022 में हुआ था फ्लाईओवर का उद्घाटन
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने इस फ्लाईओवर का उद्घाटन 10 अप्रैल 2022 को किया था. लगभग 3.25 किलोमीटर लंबा चार लेन वाला यह फ्लाईओवर अलावलपुर चौक से आगरा चौक तक विस्तारित है. इसके निर्माण में करीब 215.24 करोड़ रुपए खर्च हुए थे. इस परियोजना ने पलवल नगर में यातायात दबाव को कम करने और सुगम आवाजाही में अहम भूमिका निभाई थी.
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डॉ. यशपाल के मुताबिक, इससे शहर की पहचान को नया आयाम मिलेगा. इन योजनाओं ने देश की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया है. साथ ही साथ व्यापार और उद्योग को भी गति मिली है. जिससे आर्थिक विकास को मजबूत आधार मिला है. उन्होंने इस फ्लाईओवर को सुशासन, विकास, संपर्क सूत्र और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया. जो शहर को गरिमामयी और ऐतिहासिक पहचान दिलाएगा.