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सिक्किम में हुए शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के परिवार से मिले सांसद अवधेश प्रसाद, योगी सरकार से की ये डिमांड
सपा सांसद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "शशांक जी की वीरता को मैं प्रणाम करता हूं. उनका बलिदान और बहादुरी सेना के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में हमेशा अंकित रहेगा. उस मां और उस धरती को प्रणाम, जिसने ऐसे वीर सपूत को जन्म दिया, जिसका नाम देश-दुनिया में अमर रहेगा."
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उत्तर प्रदेश के फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद रविवार को शहीद शशांक तिवारी के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होंने शशांक की शहादत को देश के लिए एक गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि राष्ट्र उनके इस योगदान को कभी नहीं भूलेगा.
शहीद शशांक के परिजनों से मिले अवधेश प्रसाद
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अवधेश प्रसाद ने सरकार से शहीद के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपनी सांसद निधि से शहीद शशांक तिवारी के नाम पर एक स्मृति द्वार का निर्माण करवाएंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उनके बलिदान को याद रख सकें. उन्होंने जिला प्रशासन से शहीद के घर तक जल्द से जल्द पक्की सड़क बनवाने की भी मांग की.
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शहीद के परिवार को सरकार से एक करोड़ की सहायता देने की अपील
सपा सांसद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "शशांक जी की वीरता को मैं प्रणाम करता हूं. उनका बलिदान और बहादुरी सेना के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में हमेशा अंकित रहेगा. उस मां और उस धरती को प्रणाम, जिसने ऐसे वीर सपूत को जन्म दिया, जिसका नाम देश-दुनिया में अमर रहेगा."
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उन्होंने कहा, "मैं सरकार से मांग करता हूं कि शहीद के परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपए की सहायता दी जाए. इसके अलावा, उनके घर तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं है. मैं जिला प्रशासन से तत्काल प्रोजेक्ट बनाकर शहीद के नाम पर उनके घर तक सड़क निर्माण की मांग करता हूं. वहीं, सांसद निधि से शहीद लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के नाम पर एक द्वार बनाने का मैं संकल्प लेता हूं. मैं पुनः शशांक जी की वीरता को प्रणाम करता हूं."
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शशांक सिक्किम में अपने साथी जवान को बचाते हुए शहीद
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उल्लेखनीय है कि अयोध्या के रहने वाले लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी सिक्किम में अपने साथी जवान को बचाते हुए शहीद हो गए थे. राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया है.