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मुरादाबाद कमिश्नर ने संभल पुलिस की 'गोली चलाओ-गोली चलाओ' वाले वायरल वीडियो की पूरी सच्चाई बताई

संभल पुलिस द्वारा "गोली चलाओ-गोली चलाओ" के वायरल वीडियो को लेकर मुरादाबाद रेंज के कमिश्नर आंनजेय कुमार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने इस वीडियो की असल सच्चाई बताई है।

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यूपी के संभल जिले में मस्जिद के सर्वे को लेकर शुरू हुए विवाद की एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस वीडियो में संभल पुलिस द्वारा "गोली चलाओ-गोली चलाओ" का आदेश दिया जा रहा है। इसके बाद उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस फायरिंग करती दिखाई दे रही है। इस घटना में अब तक 5 लोगों की मौत हुई है। वहीं कई अन्य घायल हैं। इसके अलावा कई  पुलिसकर्मी भी घायल हैं। इस बीच वायरल  वीडियो पर संभल पुलिस पर खड़े हो रहे सवाल पर मुरादाबाद रेंज के कमिश्नर आंनजेय कुमार ने सफाई दी है। 

"गोली चलाओ-गोली चलाओ" वायरल वीडियो का क्या है सच ?

संभल पुलिस अधिकारियों द्वारा "गोली चलाओ-गोली चलाओ" के वायरल वीडियो पर अब मुरादाबाद रेंज के कमिश्नर आंनजेय कुमार ने मामले का पूरा सच बताया है। उन्होंने कहा कि "हमने भीड़ को डराने के लिए ऐसा किया था। उन्हें गोली मारने के लिए नहीं। हम समाज विरोधी लोगों को चिह्नित कर रहे हैं। साजिश में जो लोग भी शामिल थे। उन्हें बेनकाब करेंगे। एक वीडियो में कहा जा रहा है कि पुलिस ने गोली चलाने के लिए कहा था। लोगों को समझना पड़ेगा पुलिस कई बार लोगों को डराने के लिए ऐसा करती है। सिर्फ शोर किया गया था गोली चलाओ-गोली चलाओ। प्रशासन नहीं चाहता किसी की जान जाए। अगर सर्वे हो रहा था। तो फिर किसी को सर्वे से क्या आपत्ति है। 

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सांसद पर दर्ज हुई एफआईआर हिंसा की होगी जांच - कमिश्नर 

संभल हिंसा को उकसाने को लेकर स्थानीय सांसद जियाउर्ररहमान बर्क और विधायक के बेटे पर एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों 19 तारीख को जुम्मे के दिन इस गतिविधि में शामिल थे। लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों पर मामला दर्ज किया है। हम साक्ष्य के आधार पर प्रमाणित किया जाएगा कि इनकी भूमिका है या नहीं। रविवार को भड़की हिंसा को लेकर मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया गया है। पुलिस का एक्शन जारी है। खबरों के मुताबिक करीब 100 पत्थरबाजों की पहचान की गई है। इनमें 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में पुलिस ने कुल 12 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस द्वारा हुई गिरफ्तारी में 14 से लेकर 72 साल के लोग शामिल हैं। इन पर गंभीर धाराओं में आरोप लगाए लगे हैं। हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है। सभी पत्थरबाजों के पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। NSA के तहत इन सभी पर कार्रवाई होगी। जो भी उपद्रवी पकड़ में नहीं आएंगे। उन पर इनाम भी घोषित करने की तैयारी है। 

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