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जब हाई कोर्ट में अपने मृत बच्चे का भ्रूण लेकर पहुंचा शख्स… मचा हड़कंप, हैरान रह गए जज, क्या है मामला
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब एक पीड़ित शख्स अपने मृत बच्चे का भ्रूण लेकर कोर्ट पहुंचा और जज के सामने उसे रख दिया.
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मध्य प्रदेश के रीवा से दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां न्याय की गुहार लेकर दर-दर भटक रहा शख्स कोर्ट में अपने मृत बच्चे के भ्रूण लेकर पहुंच गया. शख्स के इस कदम ने जज को हैरान कर दिया, कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया.
इंतजार जब अंतहीन हो जाए और दर्द असहनीय, तब इंसान किसी भी हद तक जा सकता है. जबलपुर में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने ऐसा ही मामला सामने आया. जिसमें एक शख्स अपनी पत्नी के गर्भपात के बाद मरे हुए बच्चे का भ्रूण लेकर कोर्ट में आया और जज के सामने रख दिया. ये देख जज हिमांशु जोशी भी सकते में आ गए.
क्या है पूरा मामला?
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दरअसल, रीवा के रहने वाले अकाउंटेंट दयाशंकर पांडे का दावा था कि उनकी कंपनी शुभ मोटर्स में 200 करोड़ का वित्तीय घोटाला हुआ है. जब उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उन पर और उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया गया. इस दौरान आरोपियों ने उनकी गर्भवती पत्नी की पिटाई की. जिसमें उनके होने वाले बच्चे की मौत हो गई.
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इसके बाद दयाशंकर पांडे सबूत के तौर पर भ्रूण को लेकर ही कोर्ट पहुंच गए. दयाशंकर पांडे का आरोप है कि पिछले दो साल में उन्हें कई बार जान से मारने की कोशिश हुई, परिवार पर हमले हुए, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की. आखिरकार हारकर उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा.
कोर्ट में मचा हड़कंप
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कोर्ट में भ्रूण लाने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने भ्रूण वाले बैग को पॉलिथीन अपने कब्जे में ली. इस केस ने कोर्ट की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए. हाई कोर्ट एक संवेदनशील जगह है जहां एंट्री से पहले सख्त चेकिंग की जाती है. ऐसे में सवाल उठता है भ्रूण अंदर कैसे लाया गया.
कोर्ट में दयाशंकर पांडेने यह भी बताया कि वह चुनाव भी लड़ चुके हैं. कुछ समय पहले वह अपनी गर्भवती पत्नी के साथ जा रहे थे तभी उन पर हमला हुआ. पुलिस के कार्रवाई न करने पर दयाशंकर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी.
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अपनी याचिका में दयाशंकर पांडे ने राष्ट्रपति को भी पक्षकार बनाया था. हालांकि, कोर्ट के निर्देश के बाद राष्ट्रपति का नाम पक्षकारों की लिस्ट से हटा दिया गया था. इस घटना के बाद पुलिस भी एक्टिव हुई और पीड़ित पति-पत्नी को थाने बुलाकर समझाइश की.