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महाराष्ट्र ATS ने आतंकवाद से जुड़े मामले में साकिब नाचन के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई, ठाणे समेत कई ठिकानों पर छापेमारी
साल 2002-2003 में मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन विले पार्ले और मुलुंड बम धमाका मामलों में शामिल होने का आरोप है. इन आतंकी वारदातों में कई लोगों की जान गई थी. आरोप है कि साल 2017 में अपनी सजा पूरी करने के बाद से वह दोबारा कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया.
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महाराष्ट्र एटीएस ने सोमवार को आतंकवाद से जुड़े एक मामले में ठाणे के पडघा में छापेमारी की. महाराष्ट्र एटीएस के मुताबिक, साकिब नाचन के घर पर एटीएस की टीम छापेमारी कर रही है.
दरअसल, आतंकवाद से जुड़े एक मामले के चलते महाराष्ट्र एटीएस की टीम साकिब नाचन के घर छापेमारी कर रही है. साकिब प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का पदाधिकारी रह चुका है और पहले भी दो आतंकी मामलों में सजायाफ्ता रहा है.
2002-2003 में मुंबई सेंट्रल बम धमाके में शामिल होने का भी आरोप
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वह 2002-2003 में मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन, विले पार्ले और मुलुंड बम धमाकों के मामलों में शामिल है. इन आतंकी वारदातों में कई लोगों की जान गई थी.
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आरोप है कि 2017 में अपनी सजा पूरी करने के बाद से वह दोबारा कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल हो गया था.
साकिब नाचन को ATS ने किया गिरफ्तार
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बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अगस्त 2023 में पुणे आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में शामिल साकिब नाचन को गिरफ्तार कर लिया था.
एनआईए ने नाचन सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया था
साकिब नाचन को नामित विदेशी आतंकवादी संगठन की आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में कथित सक्रिय भागीदारी के लिए गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में आतंकवाद निरोधक एजेंसी द्वारा की गई यह छठी गिरफ्तारी थी.
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एनआईए ने एक बयान में कहा था कि ठाणे के पडघा निवासी आरोपी साकिब नाचन को आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के निर्माण, प्रशिक्षण और परीक्षण में शामिल पाया गया था. वह जुल्फिकार अली बड़ौदावाला, मोहम्मद इमरान खान, मोहम्मद यूनुस साकी, सिमाब नसीरुद्दीन काजी, अब्दुल कादिर पठान और कुछ अन्य संदिग्ध आरोपियों के साथ मिलकर काम कर रहा था.
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एजेंसी ने बयान में यह भी कहा था कि साकिब सहित आईएसआईएस स्लीपर मॉड्यूल के ये सदस्य पुणे के कोंढवा में एक घर से काम कर रहे थे. यहां उन्होंने आईईडी इकट्ठा किया था और पिछले साल बम प्रशिक्षण और बनाने की वर्कशॉप का आयोजन किया था. इन्होंने अपने द्वारा निर्मित आईईडी का परीक्षण करने के लिए इस स्थान पर एक नियंत्रित विस्फोट भी किया था.