Advertisement

Loading Ad...

22 एक्सप्रेस-वे के जाल से बदलेगा UP का भविष्य, इस तरह बनेगा देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क

UP सात चालू, तीन निर्माणाधीन और 12 प्रस्तावित परियोजनाओं से देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे नेटवर्क बनेगा. इससे औद्योगिक माल ढुलाई को गति मिलेगी साथ ही लॉजिस्टिक लागत में भी कमी आएगी.

Loading Ad...

उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है, जिसके पास सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क होगा. प्रदेश में कुल 22 एक्सप्रेस-वे का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है. इनमें सात एक्सप्रेस-वे पूरी तरह संचालित हैं. तीन निर्माणाधीन हैं और 12 विभिन्न चरणों में प्रस्तावित या स्वीकृत हैं. 

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश के लगभग सभी जिलों को उच्च गुणवत्ता वाली कनेक्टिविटी से जोड़ा जा सकेगा.  इससे औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व गति मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने जापान दौरे पर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे के किनारे 27 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने को लेकर कार्यवाही प्रारंभ करने की बात कही. साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री लीडर्स से प्रदेश में निवेश का आह्वान किया. 

कनेक्टिविटी को रफ्तार दे रहे ये एक्सप्रेस-वे  

Loading Ad...

मौजूदा समय में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, यमुना एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे पूरी तरह चालू हैं. ये एक्सप्रेस-वे न केवल प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ रहे हैं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से सीधी और तेज कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित कर रहे हैं. 
 
वहीं, निर्माणाधीन परियोजनाओं में गंगा एक्सप्रेस-वे को सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना माना जा रहा है. लगभग 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ेगा. इसके अलावा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे समेत अन्य परियोजनाएं भी निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं. प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे में विंध्य एक्सप्रेस-वे, जिसकी लंबाई लगभग 320 किलोमीटर है और जो प्रयागराज से सोनभद्र को जोड़ेगा, विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे सहित अन्य लिंक परियोजनाएं प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य औद्योगिक धारा से जोड़ने का माध्यम बनेंगी. 

Loading Ad...

एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से औद्योगीकरण को मिलेगी नई दिशा 

विस्तृत एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, औद्योगिकरण को नई दिशा देगा.  बेहतर सड़कों और तेज परिवहन से औद्योगिक माल ढुलाई की लागत में कमी आएगी और समय की बचत होगी. इससे विनिर्माण इकाइयों, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स पार्कों के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा. एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क और निवेश क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निवेशकों को भूमि, परिवहन और बाजार तक त्वरित पहुंच उपलब्ध हो सके. 

Loading Ad...

लॉजिस्टिक दक्षता से बढ़ेगी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता

लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार से प्रदेश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी. निर्यात उन्मुख उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा और छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे. बुंदेलखंड और पूर्वांचल जैसे अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ने से क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने में मदद मिलेगी. 

एक्सप्रेस-वे आधारित विकास मॉडल से अर्थव्यवस्था को गति

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

एक्सप्रेस-वे आधारित विकास मॉडल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और रोजगार सृजन में भी बढ़ोतरी होगी. निर्माण कार्यों से प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जबकि औद्योगिक निवेश से दीर्घकालिक रोजगार सृजन की उम्मीद है. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...