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केदारनाथ जा रहा हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के पास क्रैश, 7 लोगों की मौत की आशंका

उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड क्षेत्र के पास क्रैश हो गया. यह हादसा सुबह करीब 5:30 बजे हुआ. दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर आर्यन एविएशन कंपनी का बताया जा रहा है. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में पायलट सहित कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें से सभी की मौत की आशंका जताई जा रही है.

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उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया. श्रद्धालुओं को लेकर जा रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड क्षेत्र के पास क्रैश हो गया. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में पायलट सहित कुल 7 लोग सवार थे, जिनमें से सभी की मौत की आशंका जताई जा रही है.

यह हादसा सुबह करीब 5:30 बजे हुआ. दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर आर्यन एविएशन कंपनी का बताया जा रहा है. हादसे की सूचना सबसे पहले स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने दी, जिन्होंने क्षेत्र में धुंआ उठते देखा. मौके पर एनडीआरएफ की टीम पहुंच चुकी है और राहत-बचाव कार्य जारी है. घटनास्थल पर हेलिकॉप्टर का मलबा चारों ओर बिखरा पड़ा है. उत्तराखंड के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉ. वी मुरुगेशन ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि देहरादून से केदारनाथ की ओर जा रहा यह हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास लापता हो गया था, जिसके बाद इसका मलबा बरामद हुआ. हादसे में मरने वालों में 5 वयस्क श्रद्धालु, एक बच्चा और पायलट शामिल हैं.

लगातार बढ़ रहे हादसे
गौरतलब है कि इस बार की चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर हादसों की संख्या बढ़ी है. अलग-अलग धामों में पहले भी हेलिकॉप्टर क्रैश और इमरजेंसी लैंडिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. हाल ही में एक हेलिकॉप्टर को बीच सड़क पर आपात स्थिति में उतारा गया था. लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने केदारनाथ रूट पर हेलिकॉप्टर सेवाओं के फेरों में कटौती करने का फैसला लिया है. पहले जहां एक दिन में औसतन 200-250 फेरे होते थे, अब इन्हें घटाकर 60 फेरे कम कर दिए गए हैं. नए नियमों के तहत गुप्तकाशी से प्रति घंटे सिर्फ 2 उड़ानों की अनुमति दी गई है. पूरे दिन में सिर्फ 16 उड़ानें ही संचालित हो सकेंगी.

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हेलिकॉप्टर सेवा पर फिर उठे सवाल
बार-बार हो रहे इन हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खराब मौसम और तकनीकी खामियों को देखते हुए अब हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाताओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. सरकारी एजेंसियां और राज्य प्रशासन हादसे की जांच में जुट गए हैं और यात्रा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है.

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