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गोरखपुर को नए साल में मिलेगा जबरदस्त कनेक्टिविटी बूस्ट, दिखेगा इन ओवरब्रिज, फ्लाईओवर और फोरलेन सड़कों का जाल

यूपी के गोरखपुर, देवरिया और आसपास के शहरों को 2026 में जबरदस्त कनेक्टिविटी बूस्ट मिलने जा रहा है. नए साल में फोरलेन सड़कों और फ्लाईओवर का जाल देखने को मिल सकता है. मार्च 2026 तक गोरखपुर में फोरलेन सड़कों से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण हो जाएंगी.

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कहते हैं कि किसी भी प्रदेश की तरक्की में सड़क, ब्रिज, पुल और फ्लाईओवर का बड़ा योगदान होता है. कहा जाता है कि किसी देश-प्रदेश की अच्छाई और विकास के बारे में पता करना हो तो वहां की सड़कों को देखिए. और इसी विजन के साथ जब से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार आई है, यूपी में फोरलेन सड़कों और फ्लाईओवर पर विशेष कार्य हुआ है. युद्धस्तर पर निर्माण हुआ है और अब इसका मरम्मतीकरण भी डेडलाइन के अंदर किया जाने लगा है. इसी का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश का शुमार देश में अच्छी सड़कों, हाईवे और फ्लाईओवर वाले अग्रणी राज्यों की सूची में होता है.

नए साल में गोरखपुर में फोरलेन सड़कों और फ्लाईओवर का जाल!

आपको बता दें कि नए साल में गोरखपुर में फोरलेन सड़कों और फ्लाईओवर का विशाल नेटवर्क नजर आने वाला है. इसकी मुख्य वजह यह है कि मार्च 2026 तक शहर में फोरलेन सड़कों से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण हो जाएंगी. इसी अवधि तक चार ओवरब्रिज-फ्लाईओवर भी बनकर तैयार हो जाएंगे. स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की जा रही मॉनिटरिंग और समीक्षा के कारण निर्माण कार्यों में जबरदस्त तेजी आई है.

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रोड कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट!

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अगले तीन से साढ़े तीन माह में पूरी होने वाली रोड कनेक्टिविटी से जुड़ी फोरलेन और ओवरब्रिज-फ्लाईओवर की परियोजनाएं शहर के आंतरिक और बाह्य आवागमन को सुगम कर देंगी. देवरिया बाईपास इनमें सबसे पहले बनकर तैयार होने वाली फोरलेन सड़क होगी. देवरिया बाईपास रोड का फोरलेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य मार्च 2023 में शुरू हुआ था और जनवरी 2026 के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है. कुल 9.50 किमी लंबी सड़क को फोरलेन में परिवर्तित करने में 399.24 करोड़ रुपये की लागत आएगी. वर्तमान में निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति 95 प्रतिशत है.

पैडलेगंज से बेतियाहाता चौराहे तक 1.80 किमी सड़क के भी फोरलेन बनने की उम्मीद!

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पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौक होते हुए बेतियाहाता चौराहे तक 1.80 किमी सड़क को भी फोरलेन बनाने का कार्य तेजी से हो रहा है. 277.78 करोड़ रुपये की लागत वाली इस फोरलेन सड़क परियोजना के मार्च 2026 तक पूरी तरह बन जाने की उम्मीद है. 11.60 किमी की लंबाई में भटहट से बांसस्थान मार्ग को 689.35 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया जा रहा है. इसका निर्माण मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके पूरी तरह बन जाने से आयुष विश्वविद्यालय आने-जाने वालों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी.

सिक्सलेन में तब्दील नौसढ़ से पैडलेगंज की सड़क

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नौसढ़ से पैडलेगंज की सड़क शहर की ऐसी पहली सड़क होगी जिसे सिक्सलेन में तब्दील किया जा रहा है. 5.10 किमी लंबे इस मार्ग पर करीब 94 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है. इसके निर्माण पर 297.29 करोड़ रुपये की लागत आएगी. कार्य मार्च 2026 तक पूरा किया जाना लक्षित है.

जिला जेल बाईपास मार्ग को भी फोरलेन में चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण करने का काम जारी है. 8.56 किमी लंबी इस सड़क को फोरलेन बनाने में 369.04 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. वर्तमान में निर्माण की भौतिक प्रगति 96 प्रतिशत है और मार्च 2026 तक इसे पूर्ण किया जाना है.

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इन सड़कों में से देवरिया बाईपास का निर्माण कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा किया जा रहा है, जबकि भटहट-बांसस्थान, नौसढ़-पैडलेगंज, जिला जेल बाईपास और पैडलेगंज-फिराक गोरखपुरी चौक मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-तीन द्वारा कराया जा रहा है.

मार्च 2026 तक ये फ्लाईओवर और ओवरब्रिज बनकर हो जाएंगे तैयार

- बरगदवा चौराहा से नकहा जंगल–मानीराम स्टेशन के मध्य समपार संख्या 5ए पर ओवरब्रिज, लागत 152.19 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति 97 प्रतिशत से अधिक.

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- चौरीचौरा–भोपा बाजार में समपार संख्या 147बी पर रेल ओवरब्रिज, लागत 49.22 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य फरवरी 2026, भौतिक प्रगति सेतु निगम द्वारा 98 प्रतिशत.

- खजांची चौराहा पर फ्लाईओवर, लागत 96.50 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति 98.84 प्रतिशत.

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यह भी पढ़ें

- नौसढ़–पैडलेगंज मार्ग पर सिक्सलेन फ्लाईओवर तथा देवरिया बाईपास कनेक्टिंग फ्लाईओवर, लागत 429.49 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति करीब 80 प्रतिशत.

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