Advertisement

Loading Ad...

UP में होनहार छात्रों के लिए खुशखबरी, स्टूडेंट को मिली 48,000 रुपये की स्कॉलरशिप, जानें कैसे मिलेगा फायदा

यह छात्रवृत्ति उसे National Means-cum-Merit Scholarship Scheme के तहत मिली है. इस योजना का मकसद उन होनहार छात्रों की मदद करना है जो पढ़ाई में अच्छे होते हैं लेकिन घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से आगे की पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करते हैं.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

Moradabad जिले की एक छात्रा ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है.भगतपुर टांडा ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 8 की छात्रा कल्पना को अब सरकार की तरफ से चार साल तक आर्थिक सहायता मिलेगी. यह मदद उसे इसलिए दी जा रही है ताकि वह बिना किसी आर्थिक परेशानी के अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सके.
यह छात्रवृत्ति उसे National Means-cum-Merit Scholarship Scheme के तहत मिली है. इस योजना का मकसद उन होनहार छात्रों की मदद करना है जो पढ़ाई में अच्छे होते हैं लेकिन घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से आगे की पढ़ाई में दिक्कतों का सामना करते हैं.

क्या है एनएमएमएस छात्रवृत्ति योजना

National Means-cum-Merit Scholarship Scheme यानी एनएमएमएस केंद्र सरकार की एक अहम छात्रवृत्ति योजना है. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है.
अक्सर देखा जाता है कि कई छात्र कक्षा 8 के बाद आर्थिक समस्याओं के कारण अपनी पढ़ाई छोड़ देते हैं. सरकार चाहती है कि ऐसा न हो और होनहार छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखें. इसी वजह से इस योजना के तहत छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि वे कम से कम 12वीं तक अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें.

Loading Ad...

छात्रों को कितनी मिलती है आर्थिक मदद

Loading Ad...

इस योजना के तहत चयनित छात्रों को हर महीने 1,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है.इसका मतलब है कि एक साल में छात्र को कुल 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है.
यह मदद कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक, यानी पूरे चार साल तक दी जाती ह. इस तरह एक छात्र को कुल मिलाकर लगभग 48,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है. यह पैसा सीधे छात्र के बैंक खाते में भेजा जाता है ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और छात्रों को समय पर मदद मिल सके.

किन छात्रों को मिल सकता है इस योजना का लाभ

Loading Ad...

यह छात्रवृत्ति मुख्य रूप से सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए होती है. इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं.सबसे पहले छात्र का कक्षा 8 में पढ़ना जरूरी होता है. इसके साथ ही कक्षा 7 में कम से कम 55 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है. हालांकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए यह सीमा 50 प्रतिशत रखी गई है.
इसके अलावा छात्र के परिवार की सालाना आय 3.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. जो छात्र इन सभी शर्तों को पूरा करते हैं, वे इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं.

इस योजना में कैसे होता है चयन

  • इस छात्रवृत्ति के लिए छात्रों का चयन एक लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाता है. इस परीक्षा में दो मुख्य भाग होते हैं.
  • पहला भाग मेंटल एबिलिटी टेस्ट होता है, जिसमें छात्रों की सोचने, समझने और तर्क करने की क्षमता से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं.
  • दूसरा भाग स्कॉलास्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट होता है, जिसमें गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से जुड़े प्रश्न शामिल होते हैं. इन दोनों परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों का चयन किया जाता है और उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाता है.

छात्रों के लिए प्रेरणा बनी कल्पना की सफलता

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

Moradabad की छात्रा कल्पना की सफलता इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं.
सरकार की इस तरह की योजनाएं न सिर्फ छात्रों को आर्थिक मदद देती हैं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करती हैं. ऐसे कई छात्र हैं जो आर्थिक तंगी के बावजूद पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करते हैं. उनके लिए यह योजना उम्मीद की किरण बनकर सामने आती है और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का मौका देती है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...