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दरगाह में गणेश आरती ! धाकड़ शिंदे ने मज़ार पर चढ़ाई भगवा चादर !

बाल ठाकरे से भी चार कदम आगे निकले Shinde ! दरगाह में घुसकर महादेव के लगाये जयकारे ! देखिये वायरल हो रहे वीडियो को।

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अभी अभी आपने जो वीडियो देखा वो हिंदुओं के किसी मंदिर का नहीं बल्कि मुंबई की प्रसिद्ध हाजी मलंग दरगाह का होने का दावा किए जा रहा है, लेकिन अगर दरगाह का वीडियो है तो फिर गणेश आरती कैसे हो रही है ? यही इस वक़्त सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है।

देश की तमाम मस्जिदों और दरगाहों पर हिंदू संगठनों की नज़रें हैं। मस्जिदों को मंदिर कहने वालों की तादाद दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, जिनके पास थोड़े बहुत साक्ष्य हैं या फ़िर जिन्होंने वकालत की है वो तो सीधा कोर्ट में ही चैलेंज कर सर्वे कराने की मांग कर डाल रहे हैं। आपको याद होगा अभी कुछ वक्त पहले की ही तो बात है जब हिंदू संगठनों ने राजस्थान की अजमेर दरगाह को हिंदू मंदिर बता डाला था। अब मुंबई की हाजी मलंग दरगाह विवादों में घिरती नज़र आ रही है।

दरअसल इसी दरगाह के होने का दावा करते हुए एक वीडियो वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और मौजूदा डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे मज़ार पर ही आरती कर रहे हैं, भजन गा रहे हैं, गणेश आरती की जा रही है।दावा ये भी किया जा रहा है कि शिंदे ने मज़ार पर ही ओम बोलकर और हिंदू देवी देवताओं का नाम लिखी भगवा चादर भी चढ़ाई।


अब देखिये एक बड़ी पुरानी कहावत है कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलती। लेकिन सोशल मीडिया के इस दौर में ये कहना की सारी तस्वीरें सही ही हैं।भी सही नहीं होगा ? ऐसे में देखिये इस वायरल वीडियो की NMF News पुष्टि नहीं करता है। इस वीडियो के साथ जो अलग अलग दावे किये जा रहे हैं उनमें से एक दावा ये भी है कि ये वीडियो उर्स के दिन का है। लेकिन इस वीडियो को इतना वायरल क्यों किया जा रहा है ये आपको समझना चाहिये।

दरअसल कुछ वक़्त पहले कुछ हिंदुत्ववादी संगठन भगवा कपड़े पहनकर हाजी मलंग दरगाह में दाखिल हुए थे। ये वीडियो भी Exactly कब का है इसका कोई सबूत नहीं मिलता।लेकिन जो लोग दरगाह में दाखिल हुए थे उनका तर्क था कि ये लड़ाई 800 साल पुरानी है और ये दरगाह भी पहले एक हिंदू मंदिर ही था। साल 2024 में इस दरगाह ने उस वक़्त सुर्ख़ियां बटोरी थी जब शिंदे ने हिंदुओं के लिए मंदिर को मुक्त कराने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि जातक वो अपना वादा पूरा नहीं कर लेंगे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।

शिंदे ने कहा था -मैं सभी को कई मामलों के बारे में बताना चाहता हूं जिन्हें सार्वजनिक रूप से व्यक्त नहीं किया जा सकता है। मलंगगढ़ की मुक्ति के बारे में विश्वास आपके दिलों में मजबूत है। एकनाथ शिंदे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, जब तक वह आपकी इच्छाएं पूरी नहीं कर लेते।बहरहाल, इतिहास बताता है कि इस मज़ार पर सबसे पहला विवाद 1817 में शुरू हुआ था। 

शिंदे के इस बयान के बाद पहली बार इस तरह का वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वो गणेश आरती करते हुए नज़र आये है। ज़ाहिर है इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र के सियासी पारे को हाई कर दिया है लेकिन पुष्टि करने के लिए अभी थोड़ा इंतज़ार करना होगा। 
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