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फरीदकोट: भ्रष्टाचार के खिलाफ मान सरकार की बड़ी कार्रवाई, क्राइम अगेंस्ट वूमेन के डीएसपी राजनपाल गिरफ्तार
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "खुलासे के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत डीएसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया." फिलहाल विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं.
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पंजाब की भगवंत मान सरकार ने भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ा एक्शन लिया है. सरकार ने फरीदकोट शहर में तैनात डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) राजनपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं. पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को डीएसपी को गिरफ्तार किया.
भ्रष्टाचार के मामले में मान सरकार का बड़ा एक्शन
अधिकारियों ने बताया कि फरीदकोट के डीएसपी (क्राइम अगेंस्ट वूमेन) ने अपने खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार शिकायत को खत्म कराने के लिए सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) कार्यालय में तैनात अधिकारियों को कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की थी.
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डीएसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की लिया हिरासत में
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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "खुलासे के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत डीएसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया." फिलहाल विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दिए गए हैं.
इससे पहले, भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखते हुए राज्य सतर्कता ब्यूरो ने बठिंडा जिले में डीएसपी भुच्चो के रीडर को सोमवार को गिरफ्तार किया. डीएसपी के निजी सुरक्षा अधिकारी के रूप में तैनात हेड कांस्टेबल राज कुमार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी पुलिस अधिकारी को बठिंडा जिले की नथाना तहसील के गांव कल्याण सुखा निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया.
केस रद्द करवाने के लिए मांगी थी दो लाख रुपये की रिश्वत
प्रवक्ता के मुताबिक, महिला शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि खेती की जमीन के विवाद के चलते दूसरे पक्ष ने उसके पति और दोनों बेटों के खिलाफ थाना नथाना में झूठा केस दर्ज करवाया है, जिसकी जांच भुच्चो के डीएसपी कर रहे हैं. इसके बाद रीडर राज कुमार ने महिला के मोबाइल नंबर से दो बार फोन करके बताया कि उसने इस दोबारा जांच के संबंध में डीएसपी से बात की है और रिपोर्ट पर सिर्फ डीएसपी के हस्ताक्षर होने बाकी हैं.
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कथित तौर पर केस रद्द करवाने के लिए उसने दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी. आरोपी राज कुमार ने शिकायतकर्ता से कहा कि पहली किस्त के तौर पर एक लाख रुपये तुरंत दिए जाएं, ताकि वह काम करवा सके. शिकायतकर्ता ने इस बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करके विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दिया था.