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'थोड़ी भी लापरवाही पड़ेगी भारी...', SIR को लेकर CM योगी का सख्त संदेश, कार्यकर्ताओं से कहा- गंभीरता से करें काम
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी दल बीजेपी का पूरा फोकस प्रदेश में चल रही SIR पर है. यही वजह है कि प्रदेश संगठन की बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट रूप से पार्टी के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं को SIR के काम किसी भी तरह से लापरवाही ना बरतने का निर्देश दिया है.
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उत्तर प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव में अभी करीब दो साल का समय बाकी हो, लेकिन सत्ताधारी दल बीजेपी ने अभी से पूरी संगठनात्मक ताकत के साथ तैयारियां तेज कर दी हैं. चुनावी रणनीति के तहत पार्टी का पूरा फोकस मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के काम पर है, जो इस समय राज्य में चल रहा है. इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी कड़ा संदेश दिया है. सीएम योगी ने कहा है कि SIR के काम में पार्टी के साथ किसी भी तरह की लापरवाही या धोखा न करें.
इसी कड़ी में प्रदेश स्तरीय बीजेपी बैठक में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया गया. बैठक की अध्यक्षता बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने की, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन तरुण चुघ प्रमुख रूप से मौजूद रहे. बैठक में साफ कहा गया कि अगले पांच दिनों तक सभी कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि अपने अन्य काम छोड़कर केवल वोट बढ़ाने के अभियान में जुटें.
SIR को लेकर सीएम योगी की दो टूक चेतावनी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कम वोटों के अंतर से जीतने और हारने वाली विधानसभा सीटों का हवाला देते हुए कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि SIR जैसे कार्यों में की गई जरा सी लापरवाही भी सीधे चुनाव परिणामों को प्रभावित करती है. इसलिए संगठन से जुड़े हर व्यक्ति को इस अभियान में पूरी गंभीरता दिखानी होगी. मुख्यमंत्री ने प्रदेश की उन विधानसभा सीटों का ब्योरा भी साझा किया, जहां SIR का काम अपेक्षा से कमजोर पाया गया है. इसमें लखनऊ जिला भी शामिल है. सीएम योगी ने निर्देश दिया कि हर बूथ पर टेबल लगाई जाए. प्रत्येक बूथ पर वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि असली और फर्जी मतदाताओं का सही तरीके से मिलान किया जा सके. उन्होंने साफ कहा कि अब किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी.
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तरुण चुघ ने बताया 20 साल का राजनीतिक लाभ
बैठक को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन तरुण चुघ ने SIR के महत्व को लंबे राजनीतिक भविष्य से जोड़कर समझाया. उन्होंने कहा कि आज SIR में की जा रही मेहनत का लाभ अगले 20 वर्षों तक मिलेगा. आने वाले आठ विधानसभा और लोकसभा चुनाव इसी मतदाता सूची के आधार पर लड़े जाएंगे. यही सूची भविष्य में भाजपा के विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक तय करने में अहम भूमिका निभाएगी. तरुण चुघ ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिन जिलों में SIR का काम कमजोर है, वहां यह मानकर चला जाए कि संबंधित जनप्रतिनिधि चुनाव नहीं लड़ना चाहते. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिसे चुनाव नहीं लड़ना है, वह मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री को साफ तौर पर बता दे, लेकिन SIR में लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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26 दिसंबर तक आखिरी मौका
राष्ट्रीय महामंत्री ने स्पष्ट किया कि वोट बढ़ाने के लिए 26 दिसंबर तक का ही समय है. इसके बाद किसी तरह की तारीख बढ़ने की उम्मीद न रखी जाए. उन्होंने कहा कि जो काम अब नहीं हुआ, वह आगे चलकर पार्टी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए हर स्तर पर पूरी ताकत झोंक दी जाए.बैठक में फर्जी वोटरों को हटाने पर भी खास जोर दिया गया. तरुण चुघ ने बताया कि कई स्थानों पर एक ही मकान में 50 से 80 वोट दर्ज हैं. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कहीं एक ही पिता के नाम पर 15 माताएं दर्ज हैं. ऐसे फर्जी नाम लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और इन्हें हर हाल में हटाना होगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि सरल ऐप के जरिए संदिग्ध वोटरों को चिन्हित किया जा सकता है. ऐसा करते ही मोबाइल पर पीडीएफ तैयार हो जाती है, जिसके आधार पर फॉर्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. वहीं नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरने पर भी विशेष जोर दिया गया.
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बताते चलें कि बीजेपी की यह बैठक साफ संकेत देती है कि पार्टी अब मतदाता सूची को चुनावी जीत की बुनियाद मानकर चल रही है. आने वाले दिनों में SIR अभियान उत्तर प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है.