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ग़द्दार कहने पर भड़के सीएम ने दिखाया रौद्र रूप, काफिल रुकवा कर कांग्रेस के दफ़्तर में घुस गए

ग़द्दार कहने पर भड़के सीएम ने दिखाया रौद्र रूप, काफिल रुकवा कर कांग्रेस के दफ़्तर में घुस गए

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महाराष्ट्र चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं। 20 नवंबर को होने वाले मतदान को लेकर सत्ताधारी गठबंधन महायुति और विपक्षी महाविकास अघाड़ी जी जान से चुनाव प्रचार में लगी हुई है। महाराष्ट्र में फिर से महायुति की सरकार बनाने का ज़िम्मा ख़ुद सीएम शिंदे ने उठा रखा है और चुनाव प्रचार में ज़ोर शोर से लगे हुए हैं। सोशल मीडिया पर सीएम शिंदे का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो सोमवार रात क़रीब 11-12 बजे की है। सीएम शिंदे का काफिला चांदीवली विधानसभा से गुजर रहा था। चांदीवली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने नसीम खान को प्रत्याशी बनाया है।

सीएम शिंदे का क़ाफ़िला जब नसीम खान के कार्यालय से गुजर रहा था, तभी वहां मौजूद कांग्रेस और शिवसेना उद्धव गुट के कार्यकर्ता "ग़द्दार… ग़द्दार…" चिल्लाने लगे।

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"ग़द्दार ग़द्दार" चिल्लाने वाले नेताओं को अगले एक मिनट में क्या होने वाला है इसका बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था। ग़द्दार ग़द्दार का स्लोगन सुनकर सीएम शिंदे का पारा हाई हो गया। उन्होंने अपना क़ाफ़िला रुकवाया और गाड़ी से उतर कर सीधे कांग्रेस प्रत्याशी नसीम खान के कार्यालय में घुस गए।

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नसीम खान के कार्यालय में मौजूद संतोष काटके नाम के कार्यकर्ता ने सीएम शिंदे के ख़िलाफ़ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। सीएम शिंदे के क़ाफ़िले में मौजूद पुलिसकर्मियों ने संतोष काटके और दूसरे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि, पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। सीएम शिंदे के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले संतोष काटके के पिता साधु काटके रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया अठावले गुट के ज़िलाध्यक्ष हैं।

सीएम शिंदे के क्विक रिएक्शन की तारीफ़ सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है। एक यूज़र ने शिंदे की वीडियो शेयर करते हुए एक्स पर लिखा: "ये नए हिंदुस्थान का नया महाराष्ट्र है, घर में घुस कर मारता है। एक नाथ शिंदे को कांग्रेस के नेता नसीम अहमद के कार्यकर्ताओं ने 'ग़द्दार' बोल दिया, बस फिर क्या आगे आप ख़ुद देख लो, कार्यालय में ही घुस गया हिंदू हृदय सम्राट बालासाहब का ये चेला। इन कांग्रेसी को एक थप्पड़ लगाना चाहिए।" एक और ने लिखा: "एक कान के नीचे बजा देना चाहिए शिंदे साहब को।"

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सोमवार की रात हुई इस पूरी घटना पर चांदीवली से कांग्रेसी उम्मीदवार नसीम खान ने भी प्रतिक्रिया दी है। आजतक वेबसाइट पर छपी ख़बर के मुताबिक, सीएम शिंदे के कांग्रेस दफ़्तर में जाने को लेकर नसीम खान ने कहा: 'यह गलत है (मुख्यमंत्री का दफ्तर में आकर धमकाना) लेकिन हम इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहते। लोकतंत्र में आलोचना का स्थान होना चाहिए। हम भी कई वर्षों तक मंत्री और विधायक रहे हैं। इस तरीके का व्यवहार आचार संहिता का उल्लंघन है।'

सीएम शिंदे के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले संतोष काटके को सबक़ सिखाने के बजाय उद्धव ठाकरे ने इनाम दिया है। मंगलवार की सुबह संतोष काटके मातोश्री पहुंच कर उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात की, जिसके बाद संतोष काटके को शिवसेना यूबीटी में ऑफिशियली शामिल कर लिया गया।

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शिंदे साहब ने ऐसे ही उद्धव का साथ नहीं छोड़ा, ऐसे ही वो विधायकों को लेकर गायब नहीं हुए, और जब वापस लौटे तो सरकार बना कर सीएम का ताज पहनकर लौटे। इसे कहते हैं महाराष्ट्र का असली नेता, अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़वा दिए। अब बारी शिंदे की असली परीक्षा की है। चुनाव आ गए हैं, लोग वोट करेंगे अपने नेता और विकास के लिए, और फिर तारीख देखेंगे कैलेंडर में 23 नवंबर की सुबह 8 बजे का समय होगा, जब किस्मत की पेटियां खुलेंगी और फिर लगभग 12 बजे तक महाराष्ट्र के भविष्य का फैसला हो जाएगा।

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