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2029 तक पीने लायक हो जाएगा दिल्ली की यमुना नदी का पानी! मोदी सरकार ने संभाला जिम्मा, पीएम मोदी और शाह की मीटिंग में बनी रणनीति

सरकार द्वारा तय टारगेट के मुताबिक, अगले डेढ़ साल में यमुना नदी का पानी नहाने लायक और उसके डेढ़ साल बाद पीने लायक हो जाएगा. ऐसे में देखा जाए, तो सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले इसे पूरी तरीके से साफ करने का मंसूबा बना लिया है. कमाल की बात यह है कि खुद पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह लगातार यमुना नदी की सफाई वाले प्रोजेक्ट पर ध्यान दे रहे हैं.

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दिल्ली के यमुना नदी का पानी साल 2029 यानी अगले 4 साल में पीने लायक हो जाएगा. कई दशकों से दिल्ली की राजनीति का मुद्दा बना यमुना के पानी को साफ करने का जिम्मा केंद्र की मोदी सरकार ने उठाया है. पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री के साथ हुई मीटिंग में यह टारगेट तय किया गया है. यमुना नदी की सफाई की मॉनिटरिंग खुद गृहमंत्री अमित शाह देखेंगे. इस मिशन को 'यमुना क्लीन प्रोजेक्ट' का नाम दिया गया है.

अगले 4 साल पीने लायक हो जाएगा यमुना का पानी

दिल्ली राज्य और केंद्र की बीजेपी सरकार दोनों ने एक साथ मिलकर दिल्ली के यमुना नदी की सफाई के मिशन का बेड़ा संभाला है. इसको लेकर पेपर वर्क शुरू हो चुका है और यमुना मशीनें भी उतारी जा चुकी हैं. पीएम मोदी के आदेश के निर्देश के बाद केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय मिशन मोड में आ चुके हैं. सरकार द्वारा तय टारगेट के मुताबिक, अगले डेढ़ साल में यमुना नदी का पानी नहाने लायक और उसके डेढ़ साल बाद पीने लायक हो जाएगा. ऐसे में देखा जाए, तो सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले इसे पूरी तरीके से साफ करने का मंसूबा बना लिया है. कमाल की बात यह है कि खुद पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह लगातार यमुना नदी की सफाई वाले प्रोजेक्ट पर ध्यान दे रहे हैं.

जलकुंभी हटाने के लिए 45 दिन का समय

बता दें कि यमुना क्लीन प्रोजेक्ट के तहत जिन मशीनों को उतारा गया है. उनमें ज्यादातर जलकुंभी साफ करने वाली मशीनें है. सरकार ने अपने टारगेट के मुताबिक, दिल्ली में प्रवाहित हो रही यमुना नदी में जलकुंभी हटाने के लिए 45 दिन का समय तय किया है. इनमें लगभग 20 दिन का काम पूरा हो चुका है. इसके बाद ड्रेजिंग मशीन से नदी के तलहटी को साफ किया जाएगा. इसकी वजह से पानी का फ्लो बना रहेगा. बता दें कि यमुना नदी में सफाई का तीसरा दौर चल रहा है. 

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नाले से गिरने वाले पानी को साफ करने के लिए एसटीपी बनाएं जाएंगे

यमुना नदी में नाली से गिरने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए सरकार द्वारा एसटीपी बनाए जाएंगे. एसटीपी की टेंडर प्रक्रिया भी अंतिम रूप में चल रही है. इसके जरिए किसी भी नाले से गंदे को पानी को यमुना में गिरने से पहले उसे साफ कर ट्रीटमेंट किया जाएगा, ताकि उसमें गंदगी और केमिकल अलग किया जा सके.

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यमुना की सफाई के लिए 500 वालंटियर होंगे भर्ती 

केंद्र और राज्य सरकार ने अपनी योजना के मुताबिक, यमुना की सफाई के लिए 500 वालंटियर की भर्ती भी कर रही है, जो यमुना नदी के आसपास तैनात रहेंगे और लोगों को किसी भी तरह की गंदगी पूजा सामग्री फेंकने के लिए जागरूक करेंगे.

यमुना की सफाई में प्रतिदिन 9 घंटे काम हो रहा 

यमुना नदी को साफ करने के लिए हर रोज 9 घंटे का काम हो रहा है. प्रतिदिन 140 घन मीटर जलकुंभी को निकाला जा रहा है. इनमें वजीराबाद, सोनिया विहार सहित कई जगहों पर जलकुंभियों को साफ किया जा रहा है. इसके लिए ट्रेस स्किमर रोबोटिक ट्रेस और एक्जेवेटर का इस्तेमाल किया जा रहा है. 

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जल शक्ति मंत्री खुद कर रहे निगरानी 

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील यमुना नदी की सफाई को लेकर लगातार निगरानी कर रहे हैं. वही दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच में समन्वय बिठाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह जरूरी निर्देश दे रहे हैं. वहीं पिछले हफ्ते जल शक्ति मंत्री और गृहमंत्री अमित शाह की दिल्ली सरकार संग बैठक हुई थी. इनमें अभी तक की हुई सफाई के कामों की समीक्षा की गई और आगे की सफाई का पूरा प्लान तैयार किया गया.

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