Advertisement

Loading Ad...

3,500 AI कैमरे से दिल्ली बनेगी 'सेफ सिटी', गनशॉट सेंसर और अलर्ट सिस्टम से होगी सुरक्षा, पुलिस कार्रवाई में भी होगा बड़ा बदलाव

दिल्ली को सुरक्षित शहर बनाने की कवायद शुरू हो गई है. 'सेफ सिटी' परियोजना के तहत देश की राजधानी की सड़कों पर AI से चलने वाले 3,500 से अधिक कैमरे, गनशॉट सेंसर और अलर्ट सिस्टम लगाए जाएंगे. यह सभी उपकरण 1 अक्टूबर से पहले लगाए जाएंगे. एक अधिकरी ने बताया कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वीडियो एनालिटिक्स (AIVA) से लैस यह प्रणाली गोलीबारी, महिलाओं के खिलाफ अपराध, वाहन चोरी और लावारिस वस्तुएं मिलने जैसी घटनाओं को लेकर अलर्ट जारी करेगी.

Loading Ad...

अपराध की श्रेणी में सबसे खराब रैंक पर आने वाली देश की राजधानी दिल्ली अब 'सेफ सिटी' बनने जा रही है. दिल्ली सरकार अब एक परियोजना के तहत सड़कों पर AI तकनीक से चलने वाले 3,500 से अधिक कैमरे लगाकर अपराधियों पर शिकंजा कसेगी. इसके अलावा पुलिस की कार्रवाई का भी तरीका पूरी तरीके से बदलने वाला है. एक अधिकारी ने बताया है कि राजधानी में साल 2022 में हुई एक घटना के बाद यह उठाया गया है. हालांकि, पूरी दिल्ली में कम से कम 10,000 कैमरों की जरूरत है.

दिल्ली बनेगी 'सेफ सिटी'

एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि 'दिल्ली को सुरक्षित शहर बनाने की कवायद शुरू हो गई है. 'सेफ सिटी' परियोजना के तहत देश की राजधानी की सड़कों पर AI से चलने वाले 3,500 से अधिक कैमरे, गनशॉट सेंसर और अलर्ट सिस्टम लगाए जाएंगे. यह सभी उपकरण 1 अक्टूबर से पहले लगाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वीडियो एनालिटिक्स (AIVA) से लैस यह प्रणाली गोलीबारी, महिलाओं के खिलाफ अपराध, वाहन चोरी और लावारिस वस्तुएं मिलने जैसी घटनाओं को लेकर अलर्ट जारी करेगी. 

Loading Ad...

आखिर क्यों उठाया गया यह कदम? 

Loading Ad...

खबरों के मुताबिक, दिल्ली को सेफ सिटी बनाने का कदम 31 दिसंबर 2022 की रात को हुई एक घटना के बाद उठाया गया है. बता दें कि इस घटना में एक 20 साल की लड़की को एक कार ने 12 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक घसीटा था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इस घटना के बाद शहर में निगरानी की खामियों की व्यापक समीक्षा की गई थी. 

'ऑडिट करने का निर्देश दिया गया था'

Loading Ad...

अधिकारी ने बताया कि 'उस घटना के बाद हमने दिल्ली का पूरा क्षेत्र ऑडिट करने का निर्देश दिया था. जिसके बाद हमें पता चला कि अभी भी कम से कम 10,000 से ज्यादा अतिरिक्त कैमरों की जरूरत है. जिसे परियोजना के तहत अलग-अलग चरणों में लागू की जा रही है. इस परियोजना के तहत सबसे पहले उच्च जोखिम एवं घनी आबादी वाले इलाकों में काम किया जाएगा.

'पहले चरण में कुल 3,500 कैमरे लगाए जाएंगे'

बता दें कि दिल्ली में 'सेफ सिटी' परियोजना के तहत पहले चरण में कुल 3,500 कैमरे लगाए जाएंगे. इनमें AI तकनीक वाले बुलेट कैमरे, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (AFRS) कैमरे और पैन-टिल्ट-जूम (PTZ) कैमरे शामिल होंगे. इसके अलावा 200 गनशॉट डिटेक्शन सिस्टम और 300 पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाए जाएंगे.

Loading Ad...

'पुलिस को मिलेगी खास मदद'

यह भी पढ़ें

अधिकारी के मुताबिक, जिन भी कैमरे को दिल्ली में लगाया जाएगा. वह कोई साधारण CCTV कैमरे नहीं है. इन्हें आपातकालीन स्थितियों के दौरान अलर्ट प्रदान करने और सार्वजनिक संचार के लिए रणनीतिक रूप से स्थापित किया जाएगा. यह सभी कैमरे AI-आधारित वीडियो एनालिटिक्स प्रणाली पर आधारित है. इसमें पुलिस को किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि का पता चलने पर पुलिस मुख्यालय में स्थित हमारे एकीकृत कमांड, नियंत्रण, संचार और कंप्यूटर केंद्र (C4I) को तुरंत अलर्ट भेजेगी. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...