Advertisement

Loading Ad...

8 हजार में बेच रहे थे देश के राज, PAK से UK-मलेशिया तक फैला जासूसी नेटवर्क; योगी की पुलिस ने दबोचा गिरोह

गाजियाबाद में पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग सेना और अन्य संवेदनशील स्थानों के वीडियो व लोकेशन पाकिस्तान के साथ-साथ यूके और मलेशिया के नंबरों पर भेजते थे.

Social Media
Loading Ad...

देश की सुरक्षा से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आया है. यहां पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में छह संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के सैन्य ठिकानों और कई संवेदनशील स्थानों के वीडियो और लोकेशन जुटाकर पाकिस्तान समेत विदेशों में भेज रहा था. इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है और अब पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है.

छह संदिग्धों की गिरफ्तारी

कौशांबी थाना पुलिस ने शनिवार को मेरठ के परतापुर निवासी सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, संभल के ज्ञानपर सिसौना गांव निवासी साने इरम उर्फ महक और भोवापुर निवासी प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि व रितिक गंगवार को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल फोन से दिल्ली स्थित सेना, बीएसएफ और सीआरपीएफ के कार्यालयों समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों के 50 से अधिक वीडियो बरामद हुए हैं. इन वीडियो में कई संवेदनशील लोकेशन की जानकारी भी शामिल बताई जा रही है.

Loading Ad...

पाकिस्तान में बैठा ‘सरदार’ देता था निर्देश

Loading Ad...

जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का संपर्क पाकिस्तान में बैठे एक व्यक्ति से था, जिसे आरोपी ‘सरदार’ के नाम से बुलाते थे. पुलिस के अनुसार यही व्यक्ति उन्हें अलग-अलग जगहों के नाम बताकर वहां के वीडियो और लोकेशन भेजने को कहता था. इसके बदले में वह गिरोह के सदस्यों को 8 हजार रुपये तक का भुगतान करता था. बताया जा रहा है कि यह भुगतान सीधे बैंक खाते या यूपीआई से नहीं किया जाता था, बल्कि अलग-अलग लोगों के जरिए नकद पैसे पहुंचाए जाते थे.

दिल्ली में लगाए गए सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे

Loading Ad...

पुलिस को यह भी पता चला है कि इस गिरोह ने दिल्ली में दो जगहों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे भी लगा रखे थे. इन कैमरों के जरिये आसपास के इलाकों की निगरानी की जाती थी. बताया जा रहा है कि इन कैमरों का एक्सेस भी विदेश में बैठे लोगों को दिया गया था. पुलिस ने इन कैमरों में से एक को बरामद कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है.

विदेशी नंबरों पर भेजे जाते थे वीडियो

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है. पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन में यूके और मलेशिया के कुछ नंबर भी मिले हैं. आशंका जताई जा रही है कि इन नंबरों पर भी वीडियो और फोटो भेजे जाते थे. बताया जा रहा है कि जो भी फोटो या वीडियो भेजे जाते थे, वे कुछ ही समय बाद डिलीट कर दिए जाते थे ताकि सबूत न बच सकें.

Loading Ad...

सुहेल ने राज को गिरोह से जोड़ा

पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि सुहेल मलिक ने ही राज वाल्मीकि को इस गिरोह से जोड़ा था. राज को दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी. सूत्रों के अनुसार उसने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन और आर्मी कैंट क्षेत्र के आसपास कैमरे लगाए थे. हालांकि इस मामले की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है.

आईफोन खरीदने पर हुआ शक

Loading Ad...

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब राज वाल्मीकि की गतिविधियों पर लोगों को शक हुआ. कुछ समय पहले उसने अपना फूड स्टॉल बंद कर दिया था और अचानक एक महंगा आईफोन खरीद लिया था. आसपास के लोगों में इस बात की चर्चा होने लगी. इसी दौरान पुलिस को उसके और उसके साथियों के संदिग्ध वीडियो बनाने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस ने राज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.

पुलिस कर रही गहन जांच

शुरुआत में राज ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पूछताछ आगे बढ़ने पर धीरे-धीरे पूरे गिरोह का राज खुलने लगा. पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जिन खातों के जरिए पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि इस मामलें को लेकर इंदिरापुरम के एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है. आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है. फिलहाल इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं और मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...