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सुवेंदु अधिकारी दो सीटों से लड़ सकते हैं चुनाव? बंगाल में बड़ी जीत के लिए BJP कर रही खास प्लानिंग

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि वह बीजेपी के फैसले को मानेंगे. संभव है कि वह नंदीग्राम और एक अन्य सीट से चुनाव लड़ें, नंदीग्राम से उन्होंने 2016-2021 TMC और 2021 से बीजेपी के लिए प्रतिनिधित्व किया.

Suvendu Adhikari (File Photo)
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पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए रविवार को चुनाव आयोग ने तारीख़ों का ऐलान कर दिया है. राज्य में दो चरण में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होंगे जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी. इससे पहले विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने आगामी विधानसभा चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि मैं बीजेपी का एक कार्यकर्ता हूं और पार्टी जो भी फैसला करेगी, उसे स्वीकार करूंगा.

नंदीग्राम हो सकती है पहली सीट

इन दो सीटों में एक सीट पूर्व मिदनापुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट हो सकती है, जहां से सुवेंदु अधिकारी दो बार विधायक रह चुके हैं. वह 2016 से 2021 तक तृणमूल कांग्रेस से और 2021 से अब तक बीजेपी से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

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भवानीपुर सीट भी चर्चा में

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दूसरी संभावित सीट भबनीपुर विधानसभा सीट बताई जा रही है, जहां से फिलहाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधायक हैं. इस बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने न तो इस संभावना से इनकार किया और न ही इसकी पुष्टि की. उन्होंने कहा, 'बीजेपी में सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं. उम्मीदवारों का चयन भी उसी प्रक्रिया से होता है. यह भी संभव है कि पार्टी मुझे इस बार चुनाव लड़ने के लिए कहे या न कहे। मैं भाजपा का एक कार्यकर्ता हूं और पार्टी जो भी फैसला करेगी, उसे स्वीकार करूंगा.'

नंदीग्राम मेरी पहली पसंद

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हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत पसंद नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ने की है. उन्होंने कहा, नंदीग्राम मेरी पहली पसंद है. अगर पार्टी नेतृत्व मुझे किसी दूसरी सीट से भी चुनाव लड़ने को कहता है, तो मैं इस पर जरूर विचार करूंगा.' 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से चुनाव जीतकर तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार और मौजूदा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था.

इसके बाद ममता बनर्जी ने उपचुनाव में भवानीपुर सीट से जीत हासिल की और तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भवानीपुर सीट ममता बनर्जी के लिए पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है.

मतदाता सूची में बदलाव का असर

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28 फरवरी को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार इस क्षेत्र में 47,111 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और 14,154 मतदाताओं के मामले फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया में हैं. ऐसे में अगर सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम के साथ-साथ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ते हैं, तो यह बीजेपी की एक रणनीतिक चाल हो सकती है. इससे चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी को भवानीपुर में ज्यादा समय देना पड़ सकता है और राज्य के अन्य हिस्सों में प्रचार के लिए उनका समय कम हो सकता है.

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