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यूपी में गैर-मुस्लिम लड़कियों का धर्मांतरण कराने वाला छांगुर बाबा गिरफ्तार, पैसे का लालच देकर प्रेम जाल में फंसाता था, जानिए पूरी कहानी

5 जुलाई की देर शाम यूपी के बलरामपुर जिले में गैर-मुस्लिम समुदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने वाले मुख्य आरोपी छांगुर बाबा को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसकी महिला सहयोगी भी गिरफ्तार हुई है. दोनों मुख्य रूप से बलरामपुर के माधोपुर उतरौला के रहने वाले हैं. इन पर 50,000 का इनाम घोषित किया गया था.

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यूपी में गैर-मुस्लिमों का धर्मांतरण कराने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा यूपी एटीएस के हत्थे चढ़ चुका है. उसके साथ महिला सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को भी गिरफ्तार किया गया है. बता दें कि धर्म परिवर्तन के इस सबसे बड़े आरोपी के ऊपर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था. उसने विदेशी फंडिंग के जरिए पिछले 1 साल के अंदर करोड़ों की संपत्ति बनाई थी. इसमें बड़े-बड़े शोरूम, बंगला, लग्जरी गाड़ियां और बहुत कुछ शामिल है. इस मामले का खुलासा 3 दिन पहले हुआ था. जब लखनऊ में उसके चंगुल में फंसकर धर्म बदलने वाले लोगों ने फिर से अपने पुराने धर्म को अपनाया था. 

यूपी के सबसे बड़े धर्मांतरण नेटवर्क का मुख्य आरोपी गिरफ्तार 

बता दें कि 5 जुलाई की देर शाम यूपी के बलरामपुर जिले में गैर-मुस्लिम समुदाय के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने वाले मुख्य आरोपी जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है. उसकी महिला सहयोगी भी गिरफ्तार हुई है. दोनों मुख्य रूप से बलरामपुर के माधोपुर उतरौला के रहने वाले हैं. दोनों की गिरफ्तारी के लिए 50,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था. फिलहाल यूपी एटीएस अब इन दोनों को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी. वहीं इस ग्रुप के कई अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई लगातार चल रही है. एटीएस ने बाबा के खिलाफ धर्म परिवर्तन अधिनियम, धोखाधड़ी व सांप्रदायिकता का मुकदमा दर्ज किया है.

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आरोपी छांगुर का बेटा अप्रैल में हुआ था गिरफ्तार 

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जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में यूपी एटीएस ने मुख्य सरगना के बेटे महबूब और उसके एक साथी को अप्रैल के महीने में गिरफ्तार किया था. यह दोनों फिलहाल लखनऊ जेल में बंद हैं. पूछताछ में दोनों ने धर्मांतरण मामले को लेकर कई अन्य साथियों का भी नाम लिया था, जिनकी तलाश यूपी एटीएस लगातार कर रही है.

कैसे हुआ इस मामले का खुलासा? 

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बाबा की गिरफ्तारी से पहले इस मामले का खुलासा 3 दिन पहले हुआ. जब यूपी की राजधानी लखनऊ में 12 लोगों को हिंदू संगठनों की मौजूदगी में इस्लाम से हिंदू धर्म में वापसी कराई गई. इन सभी को पैसे का और मानसिक दबाव देकर हिंदू से मुस्लिम बनाया गया था. इसके बाद पीड़ितों ने धर्मांतरण के सबसे बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया था. पीड़ितों ने बताया कि कैसे किस तरीके से वह इस जाल में फंसे और इसका मुख्य आरोपी कौन है. इसके बाद से ही यूपी एटीएस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी. 

सभी जातियों के रेट फिक्स थे 

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी छांगुर बाबा को धर्म परिवर्तन कराने के लिए अलग-अलग जाति के हिसाब से विदेशों से फंडिंग मिलती थी. सभी के रेट भी फिक्स थे. इनमें ब्राह्मण, क्षत्रिय और सिख लड़कियों के धर्म परिवर्तन पर 15 से 16 लाख रुपए, ओबीसी वर्ग की महिला को 10 से 12 लाख, बाकी अन्य जातियों के लिए 8 से 10 लाख रुपए दिए जाते थे. 

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विदेशों से मिल चुकी है 100 करोड़ रुपए से अधिक की फंडिंग 

जांच में यह भी सामने आया है कि इस ग्रुप के सदस्यों ने 40 से अधिक बार इस्लामी देशों की यात्रा की है. वहीं विदेशों से अब तक कुल 100 करोड़ रुपए से अधिक की फंडिंग 40 अलग-अलग खातों के जरिए मिल चुकी है. इस ग्रुप के सभी सदस्यों के पास बंगला, शोरूम और लग्जरी गाड़ियां हैं. 

धमकी और दबाव बनाकर करवाते थे धर्म परिवर्तन 

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खबरों के मुताबिक, कई हिंदू महिलाओं ने धर्म परिवर्तन को लेकर खुलासा किया है कि वह गरीब और विधवा महिलाओं को मानसिक रूप से दबाव डालकर मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर धर्म परिवर्तन कराता था. वहीं कई लड़कियों को प्रेम जाल में भी फंसाया गया था. इसके लिए छांगुर बाबा ने एक पुस्तक भी छपवा रखी है. जिसके माध्यम से वह इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार करता था. वहीं इसके अन्य रिश्तेदारों व सहयोगियों के ऊपर भी पहले से कई मुकदमे चल रहे हैं. बाकी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भी छानबीन लगातार हो रही है. 

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