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बंगाल चुनाव में BJP का मास्टर प्लान, बड़े नेताओं को उतारने की तैयारी; कौन होगा CM फेस?

बीजेपी पश्चिम बंगाल की 294 और करेल की 140 सीटों पर बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने उम्मीदवारों और रणनीति पर चर्चा की है तथा बंगाल में पूर्व और मौजूदा सांसदों को भी मैदान में उतारने पर विचार किया जा रहा है.

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Bengal Election 2026: आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने पश्चिम बंगाल और केरल में अपनी रणनीति लगभग साफ कर दी है. पार्टी ने तय किया है कि वह दोनों राज्यों में मुख्यमंत्री पद का कोई चेहरा घोषित किए बिना चुनाव मैदान में उतरेगी. पार्टी का मानना है कि संगठन की ताकत, केंद्र सरकार के काम और नेतृत्व के भरोसे चुनावी मुकाबले को मजबूती से लड़ा जा सकता है.

पश्चिम बंगाल में सभी सीटों पर चुनाव की तैयारी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. पार्टी इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की रणनीति बना रही है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अपने मौजूदा विधायकों के साथ-साथ पूर्व सांसदों को भी चुनावी मैदान में उतार सकती है. इतना ही नहीं, लोकसभा के कुछ मौजूदा सांसदों को भी विधानसभा चुनाव लड़ाने पर विचार किया जा रहा है. इससे पार्टी का मकसद यह है कि चुनावी मैदान में मजबूत और पहचान वाले चेहरों को उतारकर संगठन को और मजबूती दी जा सके.

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केंद्रीय नेतृत्व ने बनाई चुनावी रणनीति

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गुरुवार शाम को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने चुनावी रणनीति को लेकर अहम बैठक की. इस बैठक में उम्मीदवारों के नामों के साथ-साथ दोनों राज्यों में चुनाव लड़ने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई. माना जा रहा है कि बीजेपी इस बार पश्चिम बंगाल में संगठन और नेतृत्व दोनों स्तर पर आक्रामक चुनावी अभियान चलाने की तैयारी कर रही है.

केरल में सहयोगी दलों के साथ चुनाव

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वहीं करेल में बीजेपी अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने यहां एनडीए के घटक दल ट्वेंटी 20 और भारतीय जन धर्म सेना के साथ सभी 140 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई है. बीजेपी खुद करीब 90 से 100 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है, जबकि बाकी सीटें सहयोगी दलों के बीच बांटी जाएंगी. पार्टी सूत्रों के अनुसार, केरल में भी बीजेपी मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करेगी. पिछली बार पार्टी ने ‘मेट्रो मैन’ के नाम से मशहूर ई. श्रीधरन को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया था, लेकिन पार्टी को चुनाव में सफलता नहीं मिल पाई थी. इसी अनुभव को देखते हुए इस बार पार्टी अलग रणनीति के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है.

प्रचार में मोदी सरकार के काम पर जोर

सूत्रों का कहना है कि इस बार चुनावी प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के काम को प्रमुखता से दिखाया जाएगा. चुनावी पोस्टरों और प्रचार सामग्री में मोदी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रमुख स्थान दिया जाएगा. केरल में पार्टी राज्य नेतृत्व को भी आगे बढ़ाने की योजना बना रही है. इसमें केरल बीजेपी के प्रमुख राजीव चन्द्रशेखर, ट्वेंटी 20 के नेता साबू एम. जैकब और भारतीय जन धर्म सेना के प्रमुख टी. वेल्लापल्ली जैसे चेहरे भी प्रचार में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

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बताते चलें कि स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों से बीजेपी के कार्यकर्ताओं में उत्साह भी देखने को मिल रहा है. खासकर राजधानी तिरुवनंतपुरम में पहली बार मेयर बनने के बाद पार्टी को उम्मीद है कि विधानसभा चुनाव में भी संगठन को इसका फायदा मिल सकता है. ऐसे में साफ है कि बीजेपी इस बार नई रणनीति और नए जोश के साथ दोनों राज्यों में चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बनाने की तैयारी में है.

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