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बकरीद से पहले वारिस पठान ने CM फडणवीस से की मुलाक़ात, कहा- हमने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री...
पठान ने कहा, "3 बजे से 8 बजे तक का जो सर्कुलर जारी किया गया था, उसे वापस ले लिया गया है. मुख्यमंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि बकरीद पर गाइडलाइन के तहत शांति और उल्लास से मनाने की अनुमति दी गई है."
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने बकरीद को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बुधवार को मुलाकात की. उन्होंने कहा कि फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि गाइडलाइन का पालन करते हुए शांति से उल्लास मनाने की अनुमति है.
वारिस पठान ने बकरीद को लेकर CM फडणवीस की मुलाक़ात
वारिस पठान ने बताया, "हमने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और बकरीद के आयोजन को लेकर चर्चा की. हमारा मुख्य मुद्दा था कि पर्व के दिन प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बनी रहे और नगर निगम सफाई-व्यवस्था को लेकर सजग रहे."
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उन्होंने बताया कि इससे पहले वह बकरा मंडी भी गए थे, वहां के मैनेजमेंट से संवाद किया. लाउडस्पीकर के मसले पर भी चर्चा हुई. सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश है, उसका पालन सभी को करना चाहिए, लेकिन कुछ लोग गली-गली घूमकर लोगों को डराने का काम कर रहे हैं.
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गाइडलाइन का पालन करते हुए मनाएं बकरीद
पठान ने कहा, "3 बजे से 8 बजे तक का जो सर्कुलर जारी किया गया था, उसे वापस ले लिया गया है. मुख्यमंत्री ने हमें भरोसा दिलाया है कि बकरीद पर गाइडलाइन के तहत शांति और उल्लास से मनाने की अनुमति दी गई है."
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जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े पत्र और मुकदमे पर उन्होंने कहा, "मैं खुद भी वकील हूं, और मुंबई के वकीलों ने जो बात रखी है, उसमें मैं उनके साथ हूं. हर किसी को संविधान और कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए. नियमों और न्याय प्रणाली का पालन हम सभी का कर्तव्य है."
हमें हमारे जवानों पर गर्व है : वारिस पठान
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान पर एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा, "हमारी पार्टी मीटिंग में भी हमारे अध्यक्ष ने साफ कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार जो भी ठोस कदम उठाएगी, हम उसका समर्थन करेंगे. हमें हमारे जवानों पर गर्व है. लेकिन साथ ही, सवाल पूछना हमारा संवैधानिक अधिकार है."
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उन्होंने कहा, "पहलगाम में आतंकवादियों ने नाम और धर्म पूछकर निर्दोषों को उनके परिवारों के सामने मार डाला. ऐसे आतंकवादियों को जितनी भी सजा दी जाए, वह कम है. लेकिन इस पूरे मामले में जब देश एकजुट है, तब किसी को भी राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी नहीं करनी चाहिए."