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Ayodhya Deepotsav: राम मंदिर में 500 साल बाद रामलला की पहली दिवाली, पीएम मोदी ने दिया खास संदेश
हर बार की तरह इस बार भी अयोध्या में एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा। इस बार 28 लाख दीयों से पावनधाम जगमग होगा। करीब 55 घाटों पर यह दीपक जलाए जाएंगे। यह गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक नया रिकॉर्ड होगा। इन दीयों को सजाने के लिए 30 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक संघ काम कर रहे हैं।
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500 वर्षों के इंतजार के बाद राम मंदिर में प्रभु रामलला की यह पहली दिवाली है। इस खास मौके पर अयोध्या ही नहीं देश भर में धूम है। अयोध्या में देश के अलग-अलग कोने से लोग पहुंच रहे हैं। वहीं लाखों की भीड़ कई दिन पहले से पहुंच चुकी है। दिवाली से पहले धनतेरस की शुभकामनाएं देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, "2 दिन बाद पूरा देश दिवाली मनाएंगे। इस बार की दिवाली खास है। क्योंकि 500 सालों बाद रामलला मंदिर में विराजे हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि इस खास और दिव्य दीपावली को देख पा रहे हैं।"
हर बार की तरह इस बार भी अयोध्या में एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा। इस बार 28 लाख दीयों से पावनधाम जगमग होगा। करीब 55 घाटों पर यह दीपक जलाए जाएंगे। यह गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक नया रिकॉर्ड होगा। इन दीयों को सजाने के लिए 30 हजार से ज्यादा स्वयंसेवक संघ काम कर रहे हैं। राम मंदिर में इस बार खास तरह की मोम जलाने की तैयारी है। जो "पर्यावरण के अनुकूल" रहेगी। राम मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया जाएगा। मंदिर में मोम के दीपक जलाए जाएंगे। जिनसे कार्बन का कम से कम उत्सर्जन होगा।
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उत्तर-प्रदेश राज्य सूचना विभाग की तरफ से सभी आयोजनों की लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई है। राम की पैड़ी पर होने वाले दीपोत्सव कार्यक्रम को दूरदर्शन और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाया जाएगा।
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अयोध्या के जिला सूचना अधिकारी ने बताया कि 20 जगह पर एलइडी वाल व एलईडी वैन की व्यवस्था की गई है। अयोध्या कोतवाली, हनुमानगढ़ी, वाल्मीकि भवन,तुलसी स्मारक भवन, कारसेवक पुरम, टेढ़ी बाजार, रेलवे स्टेशन,साकेत पेट्रोल पंप, दीनबंधु नेत्रालय कार्यशाला और कई अन्य जगहों पर यह वाल लगाई जा चुकी हैं। इस दीपोत्सव में अध्यात्म, परंपरा और संगम भी दिखेगा। 30 अक्टूबर को रामकथा पार्क के मुख्य मंच पर रामलीला के साथ 6 देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इनमें म्यांमार,नेपाल,थाईलैंड,मलेशिया, कंबोडिया,इंडोनेशिया के कलाकार होंगे। कई राज्यों के भी कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसमें मध्य प्रदेश की निधि चौरसिया की टीम बाधावा पर, असम की सनहल देवी बिहू पर इन सब के अलावा कई अन्य राज्यों की लोकल संस्कृति भी देखने को मिलेगी।