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संभल के मुस्लिमों को एक और झटका! लुटेरे महमूद गजनवी के नाम पर लगने वाला "नेजा मेला" का नहीं होगा आयोजन! योगी शासन का एक्शन
संभल के एएसपी श्रीशचंद्र ने जिले में 'नेजा मेला' के आयोजन पर कहा कि सोमनाथ मंदिर को लूटने वाले अत्याचारों, लुटेरे-हत्यारे की याद में किसी भी मेले का आयोजन नहीं होगा। जो भी लुटेरे और हत्यारों के साथ है। वह भी समझ लो देश के साथ अपराध कर रहा है।
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यूपी का संभल जिला लगातार चर्चाओं में चल रहा है। संभल के जामा मस्जिद सर्वे के बाद यहां लगातार कुछ ना कुछ ऐसा होता जा रहा है। जो चर्चाओं का विषय बन जा रहा है। होली से पहले संभल डीएसपी अनुज चौधरी के बयान ने देश भर में भूचाल ला दिया। होली के कुछ ही दिन बाद ही एक सख्त फैसले ने संभल के मुसलमानों को करारा झटका दिया है। बता दें कि हर साल सैयद सालार मसूद गाजी के नाम पर लगने वाले "नेजा मेला" का आयोजन नहीं होगा। यूपी पुलिस इस आयोजन को लेकर सख्त हो गई है। इस मेले को लेकर हाल ही में 'नेजा मेला' कमेटी के लोग एडीशनल एसपी श्रीश चंद्र के पास अनुमति मांगने गए थे। लेकिन एसपी ने इसकी इजाजत देने से मना कर दिया। उन्होंने कमेटी को नसीहत देते हुए कहा कि "सोमनाथ मंदिर को लूटने वाले, भारत में लूटमार और अत्याचार मचाने वालों की याद में कोई आयोजन नहीं होगा। लुटेरे के नाम पर आयोजन करते हुए अभी तक आप लोगों ने अपराध किया है। अब कोई अपराध नहीं होगा।"
कौन था सैयद सालार मसूद गाजी ?
बता दें कि सैयद सालार मसूद गाजी विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी का भांजा और सेनापति था। इतिहास के मुताबिक उसने 1000 से 1027 ईस्वी के बीच भारत पर 17 बार हमला किया था। इन सभी हमले में उसने हिंदुओं की आस्था का प्रतीक सोमनाथ मंदिर सहित कई बड़े मंदिरों पर आक्रमण किया था।
"नेजा मेला" के आयोजन पर क्या कहा अधिकारियों ने
संभल के एएसपी श्रीशचंद्र ने 'नेजा मेला' के आयोजन पर कहा कि सोमनाथ मंदिर को लूटने वाले अत्याचारों, लुटेरे-हत्यारे की याद में किसी भी मेले का आयोजन नहीं होगा। जो भी लुटेरे और हत्यारों के साथ है। वह भी समझ लो देश के साथ अपराध कर रहा है। आप सभी लोग लुटेरे के नाम पर आयोजन करके अपराध करते रहे हैं। जो भी लुटेरे के नाम पर आयोजन करेगा। वह देशद्रोही कहलाएगा। यह मेला एक बुरी कुरीति थी। किसी लुटेरे के नाम पर आयोजन करना गलत है। कानून व्यवस्था की वजह से हम इसका इजाजत नहीं दे रहे। मेला लगाने की कोई इजाजत नहीं है। अगर कोई नियम तोड़ने की कोशिश करेगा। तो उस पर एक्शन होगा। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले नेजा मेला कमेटी के लोगों ने एसडीएम वंदना मिश्रा से भी मुलाकात की थी। उस दौरान भी वंदना मिश्रा ने अनुमति देने से मना कर दिया था।
'नेजा मेला' कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सदियों पुरानी परंपरा है। इसका आयोजन उसी स्वरूप में किया जाना चाहिए।
क्या है 'नेजा मेला' की परंपरा ?
बता दें कि संभल में होली के बाद सैयद सालार मसूद गाजी की याद में इस मेले का आयोजन होता है। यह काफी पुरानी परंपरा है और बीते कई वर्षों से लगातार चलती आ रही है। इससे पहले भी इस आयोजन को लेकर आपत्ति जताई जा चुकी है। लेकिन उसके बावजूद भी चलता आ रहा था। कई वर्षों बाद ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि इस मेले का आयोजन नहीं होगा।
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