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नगर निकाय की तैयारियों के बीच CM Dhami का राज्य के OBC के लिए बड़ा तोह्फा
उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव के लिए ओबीसी आरक्षण की नई नियमावली को धामी सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य के सभी 102 नगर निकायों में अब ओबीसी आरक्षण का रोस्टर इसी नियमावली के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही चुनाव प्रक्रिया तेज हो गई है और जनवरी 2025 में चुनाव होने की संभावना है.
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OBC आरक्षण की नई नियमावली
उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण की नई नियमावली को मंजूरी मिल गई है। इसके अनुसार राज्य के सभी 102 नगर निकायों में OBC आरक्षण का रोस्टर इसी नए नियमावली के आधार पर तैयार होगा। सीएम धामी ने नियमावली को स्वीकृति प्रदान कर दी है। उत्तराखंड नियमावली 2025 और उत्तराखंड नगर निगम नियमावली 2024 को सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद शहरी विकास निदेशालय को प्रस्ताव तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है। इसके तहत नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के मेयर, अध्यक्ष और पार्षदों के पदों के आरक्षण का निर्धारण होगा। बता दें कि राज्य में कुल 102 नगर निकाय हैं, जिनमें 8 नगर निगम, 42 नगर पालिकाएं, और 52 नगर पंचायतें शामिल हैं। इन निकायों के लिए मेयर, अध्यक्ष, और पार्षदों के पदों पर चुनाव होंगे।
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प्रस्ताव तैयार कर इसे जिलों को भेजा जाएगा
उत्तराखंड नियमावली 2025 और उत्तराखंड नगर निगम नियमावली 2024 का प्रस्ताव शहरी विकास निदेशालय तैयार करेगा और इसे अलग-अलग जिलों को भेजेगा। जिलाधिकारी आरक्षण लागू करते हुए नोटिफिकेशन जारी करेंगे और जनता से सुझाव मांगेंगे। अगर जनता की तरफ से आपत्तियां जताई जाती हैं तो इसका निस्तारण करने के बाद अंतिम प्रस्ताव शहरी विकास निदेशालय को वापस भेजा जाएगा, जो राज्य निर्वाचन आयोग के सामने रखा जाएगा। आयोग इस आधार पर चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा।
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25 दिसंबर तक नोटिफिकेशन, 20 जनवरी तक चुनाव संपन्न
उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव अपने अंतिम चरण पर हैं। कहा जा रहा है कि 25 दिसंबर तक चुनाव को लेकर सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी कर दी जाएंगी और 20 जनवरी तक निकाय चुनाव संपन्न होने की संभावना है। इससे पहले सभी प्रक्रियाएं, जैसे आरक्षण सूची का प्रकाशन, नामांकन प्रक्रिया, और चुनाव प्रचार संपन्न होंगे। नई नियमावली और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार OBC आरक्षण के लागू होने से यह चुनाव अब और भी ज्यादा पारदर्शी और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुकूल माने जा रहे हैं।
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आपको बता दें कि 2018 तक नगर निकायों में 14% OBC आरक्षण लागू था। लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आरक्षण को लागू किया जाएगा। और यह पहली बार है जब निकायों में OBC आरक्षण, संबंधित क्षेत्र की OBC आबादी के अनुपात में तय किया जाएगा। कुल मिलाकर सीएम धामी ने राज्य के OBC लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया है।
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नगर निकाय की तैयारियों के बीच CM धामी के इस कदम को राज्य के OBC के लिए बड़ा तोहफा माना जा रहा है। लेकिन इन सब के बीच राजनीति भी उबाल पर है। जीत के लिए राजनीतिक पार्टियां भी अपनी कमर कस चुकी हैं। लेकिन OBC आरक्षण को लेकर धामी का चला हुआ ये मास्टरस्ट्रोक विपक्षियों के पसीने छुड़ा रहा है।