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अजब MP के गजब इंजीनियर... इंदौर के Z शेप पुल के आगे फीका पड़ जाएगा भोपाल का 90 डिग्री ब्रिज

भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज के बाद इंदौर में 'Z' आकार का अनोखा रेलवे ओवरब्रिज चर्चा में है. पोलो ग्राउंड पर बन रहे इस ब्रिज में दो 90 डिग्री मोड़ हैं, जो डिजाइन को लेकर सवाल और दुर्घटना की आशंकाएं खड़ी कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर लोग इस डिजाइन को लेकर तरह-तरह के कॉमेंट कर रहे हैं.

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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बने 90 डिग्री ब्रिज को लेकर जो बहस शुरू हुई थी, वो अभी थमी भी नहीं थी कि इंदौर ने इस दौड़ में दो कदम आगे बढ़ते हुए देश को एक नया इंजीनियरिंग का नमूना दे दिया है. शहर के पोलो ग्राउंड इलाके में बन रहा रेलवे ओवरब्रिज अब हर जगह सुर्खियों में है. इसकी वजह पुल की अनोखी और अजीब सी डिजाइन, जो अंग्रेजी के अक्षर 'Z' की शक्ल में दिखाई देती है. इस ब्रिज में दो-दो 90 डिग्री के मोड़ बनाए गए हैं, जो न सिर्फ इंजीनियरिंग की समझ पर सवाल उठाते हैं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा करते हैं. 

दुर्घटनाओं का न्योता?
इस पुल की डिज़ाइन को देखकर लोग दो खेमों में बंट गए हैं. एक वर्ग इसे आधुनिक परिस्थितियों में इंजीनियरिंग का नमूना मान रहा है, तो दूसरा वर्ग इसे पूरी तरह से अव्यवहारिक और आमजन के लिए खतरनाक बता रहा है. 'Z' आकार के इस ब्रिज में जो दो मोड़ बनाए गए हैं, वे गाड़ियों की स्पीड, संतुलन और चालक की सतर्कता की कड़ी परीक्षा लेंगे. ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है. विशेष रूप से उन चालकों के लिए जो इस रूट से रोजाना नहीं गुजरते या नए ड्राइवर होते हैं, उनके लिए यह ब्रिज सड़क कम और चक्रव्यूह अधिक नजर आता है.

PWD ने दी सफाई 
यह ब्रिज मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) की निगरानी में बनाया जा रहा है. विभाग ने इस डिजाइन को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए कहा है कि यह रेलवे लाइन को पार करने के लिए तैयार किया जा रहा है और जमीन की सीमित उपलब्धता के कारण इसे 'Z' आकार देना पड़ा है. हालांकि, जैसे ही सोशल मीडिया पर ब्रिज को लेकर मजाक और आलोचना शुरू हुई, विभाग ने यह भी कहा कि डिजाइन में बदलाव की संभावना पर विचार किया जा रहा है. 

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सोशल मीडिया पर वायरल हुए मीम्स
Z ब्रिज की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई. किसी ने इसे "ड्राइविंग टेस्ट का अगला लेवल" बता दिया तो किसी ने लिखा, "अब इंदौर में लाइसेंस के लिए Z मोड़ टेस्ट पास करना होगा." एक यूजर ने यहां तक कह दिया, "इंजीनियर ने AutoCAD में गेम खेलते हुए ब्रिज डिजाइन कर दिया." ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर लोग इसे मध्यप्रदेश का ‘जिग-जैग अजूबा’ कह रहे हैं. यह ब्रिज अब केवल एक यातायात सुविधा नहीं, बल्कि आमजन की हंसी-ठिठोली का विषय बन गया है.

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प्रशासन से सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को किसी भी ब्रिज की डिजाइन बनाते समय ट्रैफिक की वास्तविक स्थिति, वाहन चालकों की समझ और सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखना चाहिए. इस तरह के तीखे मोड़ भविष्य में हादसों का कारण बन सकते हैं. साथ ही, अगर कोई भारी वाहन मुड़ते समय असंतुलित हो जाए तो पूरी व्यवस्था चरमरा सकती है. लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या डिजाइन से पहले सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक फ्लो का कोई मॉडल टेस्ट किया गया था?

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अजब MP की गजब इंजीनियरिंग
मध्यप्रदेश अक्सर अपनी अनोखी योजनाओं और अजीबो-गरीब फैसलों के लिए सुर्खियों में रहता है. 'अजब MP की गजब कहानियां' जैसी बात अब सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी हकीकत बनती दिख रही है. पहले भोपाल का 90 डिग्री ब्रिज और अब इंदौर का Z ब्रिज ये दोनों उदाहरण दिखाते हैं कि विकास के नाम पर आमजन की सुविधा की अनदेखी कैसे हो सकती है. 

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