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AIMIM खुद तो हारी, AAP को भी ले डूबी, ऐसे किया BJP की जीत का रास्ता साफ ?

दिल्ली में कांग्रेस के साथ साथ AIMIM ने भी AAP का खेल बिगाड़ा. मुस्लिम बहुल सीट मुस्तफाबाद इसका सबसे बड़ा उदाहरण है यहां कैसे AIMIM ने खेल कर डाला, देखिए

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दिल्ली में BJP की जीत की चर्चा हर कहीं हो रही है। हो भी क्यों ना आखिर 27 साल बाद BJP ने दिल्ली में वापसी जो की है।ऐसे में निसंदेह ही जीत बड़ी है।लेकिन सबसे ज्यादा जिस सीट की चर्चा है वो है मुस्तफाबाद सीट। इस सीट पर सबकी निगाहें थीं। ओवैसी की पार्टी AIMIM ने यहां ऐसा खेल किया कि एक झटके में AAP से जीत छीनकर BJP के झोले में डाल दी।

हैदराबाद से सांसद और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी पर BJP की B टीम होने के आरोप लगते रहे। हालांकि ओवैसी इस बात से बार बार इंकार करते रहे। लेकिन ऐसे कई मौके आए जब AIMIM की वजह से BJP को फायदा मिला हो। अब दिल्ली चुनावों के नतीजे भी इस दावे को सच साबित कर रहे हैं। दिल्ली की मुस्तफाबाद सीट पर ओवैसी के ताहिर हुसैन ने AAP के सारे समीकरण बिगाड़ दिए। मुस्लिम बहुल सीट होने के बावजूद BJP ने यहां से चमत्कारिक जीत हासिल की।

मुस्तफाबाद सीट पर AIMIM ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को मैदान में उतारा था।जिन्हें 33,474 वोट मिले. जबकि आम आदमी पार्टी के आदिल अहमद खान को 67,215 वोट मिले। वहीं, 85,215 वोटों के साथ BJP के मोहन सिंह बिष्ट नंबर वन पर रहे। वहीं, कांग्रेस के अली मेंहदी को महज 11, 763 वोट ही हासिल हुए।आंकड़ों से साफ है कैसे यहां ओवैसी ने BJP की जीत का रास्ता साफ कर दिया था। AAP के वोट काटने में कांग्रेस ही नहीं AIMIM की भी पूरी भागीदारी रही।

साल 2020 में दिल्ली दंगों के बाद ताहिर हुसैन को गिरफ्तार किया गया था। ताहिर पर IB ऑफिसर अंकित शर्मा की हत्या के आरोप लगे थे। चुनाव प्रचार के लिए स्पेशली वे परोल पर बाहर आए और जोर शोर से प्रचार में लग गए। उन्हें जिताने के लिए ओवैसी ने भी पूरा जोर लगा दिया। ताहिर हुसैन के लिए ओवैसी ने कई रैलियां की। इस दौरान ओवैसी ने कहा था कि, जनता ताहिर हुसैन को अपने वोट से इंसाफ दिलाएगी.।

BJP के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाने के बाद भी ओवैसी मुस्तफाबाद की जनता के दिल में उतरने में नाकामयाब रहे। उल्टा BJP के लिए इस सीट पर जीत आसान ही कर दी। वोटों के बंटवारे के कारण BJP हारी हुई बाजी जीत गई। 

AIMIM ने मुस्लिम बहुल ओखला और मुस्तफाबाद सीट पर प्रत्याशी उतारे थे। दोनों इलाकों में मुस्लिमों की भारी तादाद होने के बावजूद AIMIM को यहां हार ही मिली।दोनों सीटों पर AIMIM प्रत्याशी तीसरे नंबर पर ही रहे। हालांकि ओखला में AIMIM और कांग्रेस दोनों ही AAP का खेल नहीं बिगाड़ पाई। यहां AAP के अमानतुल्लाह खान ने साख बचाते हुए फिर जीत हासिल की। उन्हें 88,943 वोट मिले जबकि BJP के मनीष चौधरी को 65304 वोट मिले।अमानतुल्लाह ने 23,639 वोटों से मनीष चौधरी को हरा दिया। वहीं, AIMIM उम्मीदवार शिफा उर रहमान को 39,558 वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार अरीबा खान 12739 वोटों के साथ चौथे नंबर पर रही।  

मुस्तफाबाद सीट से BJP के लिए ये जीत किसी चमत्कार की तरह ही थी। पार्टी ने पांच बार के विधायक मोहन सिंह बिष्ट को पहली बार इश सीट पर टिकट दिया। पहली बार में ही उन्होंने कमल खिला दिया। इससे पहले मोहन सिंह बिष्ट करावल नगर सीट से चुनाव लड़ते आए हैं। साल 2020 में मुस्तफाबाद सीट पर AAP के हाजी युनूस ने जीत दर्ज की थी। AAP ने उनका टिकट काटकर आदिल अहमद पर भरोसा जताया था। लेकिन नतीजा उम्मीद से उलट रहा। बात करें दिल्ली में ओवरऑल प्रदर्शन कि तो 48 सीटों के साथ BJP राजधानी का किला फतह करने में कामयाब रही। जबकि AAP 22 सीटों पर सिमट गई। वहीं, कांग्रेस तीसरी बार भी 0 पर आउट हो गई। 
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