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आगरा 'लव जिहाद' मामला... पहले शाहीन बाग में ब्रेन वॉश, फिर कराया धर्मांतरण, हरियाणा से रेस्क्यू लड़की ने बताई हैरान करने वाली कहानी

आगरा के धर्मांतरण रैकेट की एक और पीड़िता को रेस्क्यू किया गया है. हरियाणा की इस लड़की का शाहीन बाग में ब्रेनवॉश किया था. इसके बाद उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया.

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उत्तर प्रदेश के आगरा में एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस गिरोह से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. अब तक इस मामले में करीब एक दर्जन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. गिरोह का सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी उर्फ महेंद्र पाल जादौन भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है. जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि इस गैंग ने दिल्ली से रेस्क्यू की गई हरियाणा की एक लड़की का शाहीन बाग में ब्रेनवॉश किया था. इसके बाद उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया.

रोहतक की एक दलित लड़की रेस्क्यू
दरअसल, बीते दिनों आगरा की दो बहनों के अवैध धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने दिल्ली से गैंग के सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी को गिरफ्तार किया है. वहां से हरियाणा के रोहतक की एक दलित लड़की को भी रेस्क्यू किया. इस लड़की ने पूछताछ में कई राज खोले हैं. उसने बताया कि दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में उसका ब्रेन वॉश किया गया और फिर धर्म बदलवाकर उसका निकाह करा दिया गया.

पीड़ित लड़की ने बताया कि निकाह के लिए राजस्थान से काजी बुलाया गया था, जिसकी जानकारी के लिए पुलिस की एक टीम राजस्थान रवाना की गई है. फिलहाल, पीड़िता का मेडिकल और पुलिस व कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए हैं.

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इससे पहले आगरा की दो सगी बहनों को पुलिस ने कोलकाता से बरामद किया है. जानकारी के मुताबिक, इन दोनों का भी धर्मांतरण कर निकाह कराने की तैयारी की जा रही थी. इस मामले में गोवा की एसबी कृष्णा उर्फ आयशा ने अहम जानकारी दी है. उसके मुताबिक, दिल्ली के मुस्तफाबाद निवासी अब्दुल रहमान इस धर्मांतरण गिरोह को फंडिंग करता है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अब्दुल रहमान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का रहने वाला है.

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विदेशी फंडिंग और आतंकी कनेक्शन की जांच जारी
अवैध धर्मांतरण रैकेट का सरगना अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल जादौन कभी हिंदू था. साल 1990 में उसने पहले ईसाई धर्म अपनाया, फिर इसके बाद इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया. इस धर्मांतरण के बाद उसने अपना नाम बदलकर अब्दुल रहमान कुरैशी रख लिया. इसके साथ ही वह एक संगठित धर्मांतरण गिरोह का सक्रिय सदस्य बन गया.

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पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब्दुल रहमान के पास से धर्म परिवर्तन से जुड़ी कई संदिग्ध किताबें बरामद हुई हैं. इन्हीं किताबों और अन्य सबूतों के आधार पर उसका संबंध जेल में बंद धर्मांतरण साजिशकर्ता कलीम सिद्दीकी जैसे कट्टरपंथी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है.
फिलहाल उसके बैंक खातों, कॉल डिटेल और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की गहन जांच की जा रही है. इस सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम सोमवार रात आगरा पहुंची और कई घंटों तक पूछताछ की. अब्दुल रहमान और उसके गिरोह के खिलाफ विदेशी फंडिंग और संभावित आतंकी कनेक्शन की भी जांच की जा रही है.

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