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महागठबंधन की बैठक के बाद बढ़ा तेजस्वी का कद, कोऑर्डिनेशन कमेटी को करेंगे लीड; क्या सीएम चेहरे पर भी बनेगी बात?
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए विपक्षी इंडिया महागठबंधन की पहली औपचारिक बैठक गुरुवार को संपन्न हुई. इस बैठक में चुनाव के लिए समन्वय समिति का गठन किया गया जिसका नेतृत्व आरजेडी नेता तेजस्वी यादव करेंगे.
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बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजधानी पटना में विपक्ष की इंडिया महागठबंधन की गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में इंडिया महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, लेफ्ट के साथ-साथ वीआईपी पार्टी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. लगभग 3:30 घंटे चली इस अहम बैठक में जो निर्णय निकाल के सामने आया है उसमें सबसे उसने बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव के कद को और बड़ा कर दिया है, हालांकि इस बैठक के बाद अभी मुख्यमंत्री के पद को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है लेकिन तेजस्वी यादव को नई जिम्मेदारी सौंपने को लेकर जो सहमति बनी है उसने इस संभावना को और मजबूत कर दिया है कि विपक्ष के तरफ से तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री का चेहरा हो सकते हैं.
दरअसल, बिहार में विपक्ष की इंडिया महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर बीते कई दिनों से चर्चाओं का बाजार गर्म था. राजद प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने मुख्यमंत्री के रूप में तेजस्वी यादव के नाम का जनता के बीच ऐलान कर दिया था, इसके अलावा तेजस्वी यादव भी खुद को भावी मुख्यमंत्री बता दिया था. हालांकि गठबंधन में शामिल कांग्रेस इस बात से लगातार इनकार करती रही कि अभी कोई मुख्यमंत्री का चेहरा तय नहीं हुआ है. इस बीच पटना में हुई इंडिया महागठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल दलों की सहमति के बाद कोऑर्डिनेशन कमेटी ( समन्वय समिति) का गठन किया गया. जिसका नेतृत्व राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे तेजस्वी यादव करेंगे. इस बैठक में राजद के तरफ से तीन प्रतिनिधि, कांग्रेस के चार, माले, सीपीआई, सीपीआईएम वैर वीआईपी के एक - एक प्रतिनिधि शामिल हुए. चुनाव के लिए बनाई गई यह समिति सभी बड़े फैसलों को अंतिम रूप देगी. बैठक के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव और बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु समेत अन्य नेताओं ने मीडिया को संबोधित करते हुए बैठक में हुई बातचीत की जानकारी दी. इस दौरान तेजस्वी यादव से लेकर कांग्रेस कृष्ण अल्लावरु ने केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा.
कोऑर्डिनेशन कमेटी में होंगे 13 सदस्य
विधानसभा चुनाव के लिए विपक्ष की कोऑर्डिनेशन कमेटी में कुल 13 सदस्य होंगे. प्रत्येक घटक दल के दो-दो प्रतिनिधि इसमें समिति के सदस्य होंगे. यह समिति चुनाव प्रचार अभियान, सीट बंटवारे से लेकर चुनाव की रणनीति तय करने के लिए अधिकृत होगी.
कैसे काम करेगी कोऑर्डिनेशन कमेटी
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली कोआर्डिनेशन कमेटी चुनाव से इर्द-गिर्द जुड़े सभी कामकाज पर अंतिम मुहर लगाएगी. यह कमेटी विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे से लेकर राज्य की सभी विधानसभा सीटों के लिए अलग-अलग रणनीति बनाएगी. महागठबंधन में शामिल हर दल इस कमेटी में होंगे और जब विपक्ष का घोषणा पत्र जारी किया जाएगा तो उसे घोषणा पत्र में अंतिम मुहर भी तेजस्वी यादव का होगा.
'डबल इंजन हुआ फेल'
प्रेस वार्ता के दौरान तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा "बिहार में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से फेल है. राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध अपने चरम पर है. केंद्र सरकार ने बिहार को ठगने का काम किया है. बिहार ने सबसे ज्यादा एनडीए को सांसद दिए बावजूद इसके बिहार को कोई खास उपलब्धि हाथ नहीं लगी."
तेजस्वी बोले- थोड़ा इंतजार का मजा लीजिए
बैठक के बाद पत्रकार वार्ता के दौरान जब तेजस्वी यादव से मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा "हर एक मुद्दे पर सब की सहमति है. थोड़ा इंतजार का मजा लीजिए, सब कुछ एक ही दिन बता दिया जाए क्या ?" वही पशुपति पारस के एनडीए से अलग होने के बाद यह प्रयास लगाए जा रहे हैं कि वह महा गठबंधन का चुनाव से पहले ही सब बन सकते हैं इस पर तेजस्वी ने कहा "अभी महागठबंधन की और भी बैठके होनी है, उसमें भी बहुत कुछ तय होना बाकी है जो भी फैसला लिया जाएगा महागठबंधन की तरफ से वह सबके सामने आएगा." इसके अलावा प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावरु से जब पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के चेहरे पर सवाल किया तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया. हालांकि कोऑर्डिनेशन कमिटी का तेजस्वी यादव को प्रमुख बनाए जाने पर यह संभावना सबसे प्रबल है कि मुख्यमंत्री के रूप में आगे चलकर इंडिया गठबंधन की तरफ से तेजस्वी यादव के नाम का ऐलान हो सकता है.
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा के चुनाव इस साल के अंत में होने हैं. इसको लेकर राज्य में सियासी सरगर्मी बढ़ी हुई है. यही वजह है कि हर एक दिन बिहार के राजनीति में इन दोनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. ऐसे में महागठबंधन की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हुई थी कि आखिर इस बैठक के बाद क्या निर्णय निकाल कर सामने आता है लेकिन जिस तरह से कोऑर्डिनेशन कमिटी का प्रमुख तेजस्वी यादव को बनाया गया है वह यह बताता है कि बिहार की राजनीति में राजनीति में विपक्षी गठबंधन शामिल दलों में आरजेडी सबसे मजबूत स्थिति में है .
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