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AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दोबारा शुरू की जय भीम योजना
केजरीवाल रविवार को दक्षिण दिल्ली में बाबा नगर सेन की शोभायात्रा में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने कहा कि बाबा नगर सेन ने बहुत सामाजिक और धार्मिक काम किए। बाबा नगर सेन को सिर्फ दलित समाज ही नहीं बल्कि सभी समाज के लोग पूजते हैं।
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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का कहना है कि जब वह जेल गए तो जय भीम योजना बंद करा दी गई। लेकिन, उन्होंने इसे दोबारा चालू करा दिया है। यह योजना गरीब छात्रों को निशुल्क कोचिंग प्रदान कराती है।
केजरीवाल रविवार को दक्षिण दिल्ली में बाबा नगर सेन की शोभायात्रा में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने कहा कि बाबा नगर सेन ने बहुत सामाजिक और धार्मिक काम किए। बाबा नगर सेन को सिर्फ दलित समाज ही नहीं बल्कि सभी समाज के लोग पूजते हैं।
उन्होंने कहा कि इंजीनियर, डॉक्टर, सीए या वकील बनने के लिए एंट्रेंस के पेपर देने पड़ते हैं। उसमें कोचिंग होती है। जैसे 12वीं के बाद मैंने इंजीनियरिंग की थी, मैंने भी कोचिंग ली थी। लेकिन, कोचिंग बहुत महंगी है। उसमें 2.50 से 4 लाख रुपए लगते हैं। एक गरीब आदमी इतने पैसे कहां से लाएगा। एक गरीब आदमी का बच्चा तो होशियार है। लेकिन, पैसे की कमी की वजह से वह कोचिंग नहीं ले पाता और दूसरों से पिछड़ जाता है। इसलिए, हमारी सरकार ने स्कीम बनाई है कि दलित समाज के जो बच्चे कोचिंग लेना चाहते हैं। आप कोचिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लो, आपका सारा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।
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मैंने जेल से बाहर आने के बाद जय भीम योजना दोबारा शुरू कर दी: अरविंद केजरीवाल
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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उसी तरह ग्रेजुएशन करने के बाद अगर आप रेलवे, बैकिंग, आईएएस, आईपीएस के पेपर देना चाहते हैं तो आप इस तरह की कोई भी प्रतियोगी परीक्षा देना चाहते हैं और अच्छी नौकरी पाना चाहते हो, उसमें भी कोचिंग करनी पड़ती है, जिसमें 5-6 लाख रुपए लगते हैं। तो, आप कोचिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला ले लो, उसका सारा खर्च दिल्ली सरकार देगी, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। इन्होंने मुझे जेल में डाल दिया था। जब मैं जेल में गया तो मेरे पीछे से इन्होंने जय भीम योजना बंद करा दी थी। लेकिन, आप चिंता मत करो। मैंने जेल से बाहर आने के बाद यह योजना पिछले हफ्ते दोबारा शुरू कर दी थी।
उन्होंने यह भी कहा कि मैं चाहता हूं कि आपके बच्चे आगे बढ़कर खूब तरक्की करें। पढ़ेंगे तभी तरक्की करेंगे। पढ़ाई का कोई विकल्प नहीं है। अपने बच्चों को पढ़ाओ। पहले था कि गरीबी की वजह से नहीं पढ़ा सकते थे। अब पैसे की चिंता करने की जरूरत नहीं है। बारहवीं तक सरकारी स्कूलों में शिक्षा मुफ्त है और बारहवीं के बाद आपका सारा इंतजाम हम लोगों ने कर दिया है। आपको बिल्कुल चिंता करने की जरूरत नहीं है।
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Input: IANS