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बिहार में भूमि विवाद से जुड़े मसलों को सुलझाने के लिए सरकार की एक नई पहल शुरू, अब अंचल कार्यालयों में लगेगा जनता दरबार

बिहार में भूमि विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई और उसको सुलझाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है. इसके लिए प्रदेश के मुख्य सचिव की तरफ से सभी जिलों के डीएम और एसपी को एक आदेश दिया गया है.

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बिहार में भूमि विवाद हमेशा से एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. इससे निपटने के लिए अब तक कई सरकारों ने अपने-अपने प्रयास से कई कदम उठाए हैं, लेकिन इसका हल अभी तक निकल नहीं सका है. यह एक ऐसी समस्या है, जो कभी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. वहीं कई दशकों से लाखों ऐसे परिवार हैं, जो भूमि विवाद में उलझे हुए हैं. राजस्व विभाग के अब तक सारे नियम, कायदे-कानून जमीनी विवाद के निपटारे के लिए नाकाफी साबित हुए है. इस बीच सरकार की तरफ से इस विवाद को निपटाने के लिए मुख्य सचिव द्वारा सभी जिलों के डीएम और एसपी को खास सुझाव दिए गए हैं. 

भूमि विवाद निपटारे के लिए हर थाने में हो रही सुनवाई 

बता दें कि भूमि विवादों से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव की तरफ से सभी जिलों के डीएम और एसपी को एक आदेश दिया गया है. अभी तक प्रत्येक शनिवार को CO और थानाध्यक्ष की अगुवाई में इस तरह के मामलों की सुनवाई होती है. यह राज्य सरकार के आदेश की तरफ से ही होता है. वहीं अब तक के विवादों के निपटारे के लिए सुनवाई में क्या कुछ होता रहा है, यह सभी को मालूम है. वहीं कई जानकारों का कहना है कि शनिवार को थानों पर बैठक से विवादों का अपेक्षित निपटारा नहीं हो पाता है. ऐसे में सरकार की यह पहल पूरी तरीके से फेल नजर आती है. यही कुछ कारण है कि  इस तरह के मामले निपटने से ज्यादा बढ़ते जा रहे हैं.

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मुख्य सचिव ने दिया निर्देश

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इस बीच 22 जुलाई को मुख्य सचिव ने भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए एक नई प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है. खबरों के मुताबिक, इसमें सभी तरह से संबंधित मामलों की नियमित प्रभावशाली अनुकरण की समीक्षा और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक सुझाव दिए गए थे.  इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएम और एसपी भी जुड़े थे. ऐसे में अब नए आदेश में कहा गया है कि भूमि से जुड़े विवाद के प्रभावी समाधान के लिए प्रत्येक शनिवार को अंचल कार्यालयों में जनता दरबार का आयोजन किया जायेगा. वहीं अगर किसी भूमि विवाद के मामले के निष्पादन हेतु स्थल मुआयना की आवश्यकता महसूस की जाती है, तो थाना एवं अंचल कार्यालय द्वारा संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया जायेगा, ताकि बाद में निर्णय लेते समय संपूर्ण विवरण की जानकारी प्राप्त हो सके. 

ऑफलाइन रिकॉर्ड सेव किया जाएगा

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भूमि विवाद को लेकर हो रहे जनता दरबार के ऑफलाइन रिकॉर्ड को सेव किया जाएगा. इसमें विवाद से संबंधित कागजातों एवं साप्ताहिक बैठक में लिए गए निर्णय और कार्रवाई का ब्यौरा संधारित होगा. एसपी ने अंचल कार्यालयों में आमजन और सीओ के विधि-व्यवस्था संधारण के लिए बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. दस्तावेजों के फर्जी होने पर उसकी गहनता पूर्वक जांच-पड़ताल की जाएगी. जिनके भी दस्तावेज फर्जी होंगे, वह बच नहीं पाएंगे. ऐसे लोगों के खिलाफ अन्य आपराधिक मामलों की तरह भूमि विवाद से संबंधित मामलों में भी भारतीय न्याय संहिता एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में वर्णित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. 

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बता दें कि यह निर्णय बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले लिया गया है, क्योंकि भूमि विवाद के मसले से वर्तमान सरकार को भी बड़ा नुकसान हो सकता है. 

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