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दिल्ली में भी 'योगी वाला मॉडल'..., सावन में शिवभक्तों को रेखा सरकार का बड़ा तोहफा

सावन महीने में शुरू हो रही कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली सरकार और नगर निगम ने कांवड़ मार्गों पर मीट और मछली की दुकानें अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया है. धार्मिक भावनाओं और को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. हर साल करीब 2.5 करोड़ कांवड़िये दिल्ली से होकर गुजरते हैं.

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दिल्ली सरकार और नगर निगम ने सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा के मद्देनज़र एक अहम फैसला लिया है. 11 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर पड़ने वाली सभी मीट और मछली की दुकानें बंद रहेंगी. यह फैसला धार्मिक भावनाओं के सम्मान और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है. इससे पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भी इसी तरह की घोषणा की जा चुकी है. अब दिल्ली ने भी अपने यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है.

दिल्ली से गुजरेंगे करीब ढाई करोड़ कांवड़िये
हर साल सावन महीने में भगवान शिव के भक्त उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों से हरिद्वार, गंगोत्री और गौमुख से गंगाजल लेकर पैदल अपने शहरों तक पहुंचते हैं. इस यात्रा को कांवड़ यात्रा कहा जाता है. इस दौरान दिल्ली एक अहम पड़ाव बनता है, जहां से लगभग 2.5 करोड़ कांवड़ यात्री होकर गुजरते हैं. दिल्ली सरकार और प्रशासन ने इन श्रद्धालुओं के स्वागत और सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. दिल्ली के कई मार्ग जैसे अप्सरा बॉर्डर, दिलशाद गार्डन, सीलमपुर, कश्मीरी गेट और करोलबाग आदि मुख्य रूट पर हजारों की संख्या में कांवड़िए गुजरते हैं, ऐसे में सुरक्षा, सफाई और ट्रैफिक को लेकर बड़ी जिम्मेदारी प्रशासन पर है.

कांवड़ रूट पर मीट और मछली की दुकानों पर रहेगा ताला
धार्मिक भावना और श्रद्धा का ख्याल रखते हुए दिल्ली सरकार ने कांवड़ मार्गों पर स्थित सभी मीट और मछली की दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया है. यह फैसला धार्मिक सौहार्द्र बनाए रखने और कांवड़ियों की भावना को ठेस न पहुंचे, इस सोच के साथ लिया गया है. दिल्ली के संस्कृति और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने खुद अप्सरा बॉर्डर से लेकर करोलबाग तक का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायज़ा लिया. उन्होंने साफ किया कि किसी भी तरह की धार्मिक असंवेदनशीलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी दुकानदारों से सहयोग की अपील की गई है.

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पहली बार कांवड़ समितियों को मिलेगी आर्थिक मदद और मुफ्त बिजली
इस बार दिल्ली सरकार ने कांवड़ समितियों के लिए कई राहतभरे और सहायक कदम उठाए हैं. मंत्री कपिल मिश्रा ने घोषणा की कि इस वर्ष कांवड़ समितियों को उनके खाते में 50 हजार से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. यह सहायता दो चरणों में दी जाएगी, जिसमें 50% रकम कांवड़ यात्रा से पहले और बाकी यात्रा के बाद दी जाएगी. यही नहीं, प्रत्येक समिति को 1200 यूनिट तक मुफ्त बिजली भी दी जाएगी ताकि शिविरों में किसी तरह की असुविधा न हो.

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सुविधाओं से लैस होंगे कांवड़ शिविर
सरकार की ओर से इस बार कांवड़ शिविरों को पहले से ज्यादा सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया गया है. हर शिविर में कांवड़ियों के लिए मेडिकल सुविधा, पीने का पानी, सफाई व्यवस्था और बिजली की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है. इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस और सिविक एजेंसियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की परेशानी श्रद्धालुओं को न हो. कई प्रमुख जगहों पर ऐतिहासिक स्वागत द्वार भी बनाए जा रहे हैं जो सांस्कृतिक दृष्टिकोण से इस आयोजन को और भव्य बनाएंगे.

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